
आदित्यपुर।
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए एक बेहद अच्छी और राहत भरी खबर है। शहर के विभिन्न वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और रुके हुए विकास कार्यों को तेज गति देने के लिए नगर निगम की अभियंत्रण शाखा ने पूरी तैयारी कर ली है। नगर निगम कार्यालय द्वारा 18 मई 2026 को एक नई ई-निविदा आमंत्रण सूचना (2nd Call) जारी की गई है। इसके तहत इन क्षेत्रो मे लाखों रुपये की लागत से पक्की सड़कों, नालियों और पेवर ब्लॉक बिछाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
कई वार्डों में बिछेगा सड़कों और नालियों का जाल
जारी की गई निविदा सूचना (UDD/AMC/09/2025-26) के अनुसार, यह टेंडर शहर के दर्जनों वार्डों के लिए निकाला गया है, जिनमें मुख्य रूप से वार्ड संख्या 2, 3, 6, 7, 15, 16, 22, 23, 24, 28, 29, 30, 32 और 35 शामिल हैं। इन वार्डों में पीसीसी (PCC) सड़क का निर्माण, जलजमाव रोकने के लिए आरसीसी (RCC) नाली (ड्रेन) का निर्माण, ह्यूम पाइप लगाना, बाउंड्री वॉल बनाना और गलियों में पेवर ब्लॉक बिछाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा, वार्ड 32 में स्थित हनुमान मंदिर परिसर में पेवर ब्लॉक बिछाने और छठ घाट के निर्माण का भी प्रस्ताव इस टेंडर में शामिल किया गया है।
2 से 4 महीने में पूरा होगा निर्माण कार्य
नगर निगम द्वारा जारी सूची के अनुसार, अलग-अलग योजनाओं के लिए निविदा की अनुमानित राशि लगभग 1.36 लाख रुपये से लेकर 24.98 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। कार्य की प्रकृति और आकार को ध्यान में रखते हुए संवेदकों (ठेकेदारों) को इन विकास कार्यों को पूरा करने के लिए 2 से 4 महीने का समय (कार्य पूर्ण करने की अवधि) दिया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक ठेकेदारों के लिए प्रत्येक योजना के अनुसार अग्रधन की राशि (Earnest Money) और परिमाण विपत्र (BOQ) का मूल्य भी स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दिया गया है।
जलजमाव और जर्जर सड़कों से मिलेगी स्थायी राहत
नगर निगम की इन सभी योजनाओं के धरातल पर उतरने से आदित्यपुर निगम क्षेत्र की एक बहुत बड़ी आबादी को फायदा पहुंचेगा। लंबे समय से जर्जर सड़कों और जलजमाव की समस्या झेल रहे स्थानीय निवासियों को स्थायी राहत मिलेगी। बारिश के मौसम को देखते हुए आरसीसी ड्रेन और ह्यूम पाइप कलवर्ट के निर्माण से पानी की निकासी सुगम हो जाएगी। नगर निगम प्रशासन का लक्ष्य है कि पूरी पारदर्शिता के साथ टेंडर प्रक्रिया को संपन्न कराकर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी विकास कार्यों को पूरा कर लिया जाए।


