
जमशेदपुर।
रेल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम द्वारा इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र, टाटानगर में एक व्यापक आपातकालीन रेस्क्यू प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षणनार्थी लोको पायलटों को क्लासरूम में आग लगने जैसी आपात स्थिति में बचाव एवं राहत कार्य की उपयोगी तकनीकों से अवगत कराया गया।

आग की स्थिति में त्वरित और सुरक्षित बचाव पर जोर
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से आग लगने पर अक्सर भगदड़ की स्थिति बन जाती है, जिससे घायल लोगों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसी परिस्थितियों में बचावकर्ताओं की दक्षता और त्वरित निर्णय क्षमता ही “गोल्डन आवर” में अधिकतम जीवन रक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
उन्होंने बताया कि किसी भी आपदा स्थल पर आमतौर पर चार प्रकार के पीड़ित मिलते हैं—जिन्हें तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है,जिन्हें आवश्यक चिकित्सा चाहिए,जिनकी चोटें मामूली होती हैं, तथा दुर्घटना में मृत व्यक्ति। इन सभी की पहचान और प्राथमिकता तय करने के लिए ट्राइएज तकनीक की जानकारी दी गई।
व्यावहारिक रेस्क्यू तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन
प्रशिक्षण में आग लगने की स्थिति में स्टॉप, ड्रॉप एंड रोल विधि का अभ्यास कराया गया। साथ ही भारी वजन वाले घायल को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ब्लैंकेट ड्रैग, संकीर्ण स्थानों में फंसे व्यक्ति को निकालने हेतु टो ड्रैग और बोलाइन ड्रैग जैसी रेस्क्यू तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया गया।
इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने कहा कि आपदा के समय संयम, कौशल और विवेकपूर्ण कार्य से न केवल मानव जीवन, बल्कि पशु जीवन और संपत्ति की भी रक्षा की जा सकती है।
फायर फाइटिंग, सीपीआर और प्राथमिक उपचार का अभ्यास
प्रशिक्षण केंद्र परिसर में डेमोंस्ट्रेटर शंकर प्रसाद ने फायर फाइटिंग उपकरणों के सुरक्षित उपयोग की विधि का प्रदर्शन किया। वहीं डेमोंस्ट्रेटर अनामिका मंडल ने भगदड़ में घायल पीड़ितों की बैंडेजिंग और प्राथमिक उपचार की तकनीकें सिखाईं। इसके अतिरिक्त सीपीआर देने की पद्धति और मैनमेड स्ट्रेचर तैयार कर रेस्क्यू करने की विधि की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
150 से अधिक लोको पायलट हुए शामिल
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दक्षिण पूर्व रेलवे के हावड़ा, संतरागाछी, खड़गपुर, रांची, आद्रा, बोकारो, टाटानगर, चक्रधरपुर और राउरकेला से आए करीब 150 लोको पायलटों के साथ प्रशिक्षण केंद्र के अनुदेशक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सिविल डिफेंस टीम के इस प्रशिक्षण की लोको पायलटों ने सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी बताया।



