जमशेदपुर.
शहर में LGBTQIA+ समुदाय के लगभग 70 सदस्यों ने एक महत्वपूर्ण बैठक कर ट्रांसजेंडर बिल 2026 में हुए हालिया संशोधन पर चर्चा की और आगे की रणनीति तय की. यह बैठक एक आंदोलन की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है.
इस बैठक का आयोजन Jamshedpur Queer Circle ने किया, जिसमें ट्रांसजेंडर महिलाएं, ट्रांसजेंडर पुरुष, गे-लेस्बियन समुदाय के सदस्य तथा विभिन्न हिजड़ा घरानों के प्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यक्रम में एकजुटता, जागरूकता और संघर्ष की स्पष्ट भावना देखने को मिली.
READ MORE :Aaj ka Rasifal :08 अप्रैल 2026 बुधवार का पंचांग और राशिफल जानें पं कुंतलेश पांडेय की जुबानी
District Legal Services Authority (DLSA) के अधिकारियों ने संशोधन के प्रमुख बिंदुओं को सरल भाषा में समझाया, जिससे सभी प्रतिभागी विषय को बेहतर ढंग से समझ सके.
कार्यक्रम में दो प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे. मानवाधिकार वकील और शोधकर्ता Manavi Atri ने संशोधन के कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए आत्म-पहचान, उत्पीड़न से सुरक्षा और मौलिक अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया. वहीं, क्वीयर इतिहासकार और सामाजिक कार्यकर्ता Mario da Penha ने LGBTQIA+ समुदाय के लंबे संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि हर अधिकार कठिन संघर्ष के बाद हासिल हुआ है. इसके बाद हुई खुली चर्चा में समुदाय के सदस्यों ने अपनी चिंताओं, आशंकाओं और मांगों को बेबाकी से रखा. सभी ने इस बात पर जोर दिया कि इस संशोधन को जमीनी हकीकत से अलग करके नहीं देखा जा सकता.
बैठक में Jharkhand में आगे की रणनीति भी तय की गई जो निम्नलिखित है–
-हिजड़ा नायकों के साथ संवाद मजबूत करना
-पुलिस संवेदनशीलता के लिए डीजीपी से मुलाकात करना
-मुख्यमंत्री के समक्ष समुदाय की मांगें और चिंताएं रखना
कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ. वह संकल्प है— एकजुट रहकर अधिकारों की रक्षा करना और गरिमा, न्याय तथा अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष जारी रखना.
क्वीयर सर्किल के संस्थापक शौविक साहा के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि एक आंदोलन की शुरुआत है.






