जमशेदपुर (Jamshedpur Education News): लौहनगरी जमशेदपुर में शिक्षा और पठन-पाठन की संस्कृति को एक नया आयाम देने के उद्देश्य से हाल ही में शुरू की गई ‘दिशोम गुरु मेमोरियल म्युनिसिपल लाइब्रेरी’ (Dishom Guru Memorial Municipal Library) अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ रही है। इस अत्याधुनिक पुस्तकालय के भव्य उद्घाटन के ठीक एक सप्ताह बाद, यहां के संचालन कार्य और व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए उप नगर आयुक्त (Deputy Municipal Commissioner) श्री कृष्ण कुमार ने आज लाइब्रेरी का सघन दौरा किया। उनके इस औचक निरीक्षण से पुस्तकालय प्रबंधन में चुस्ती देखने को मिली।
व्यवस्थाओं, पठन कक्ष और पुस्तक संग्रह की हुई बारीकी से जांच
उप नगर आयुक्त श्री कृष्ण कुमार ने लाइब्रेरी परिसर में कदम रखते ही सबसे पहले पठन कक्ष (Reading Room) का मुआयना किया। उन्होंने वहां प्रकाश की व्यवस्था, बैठने की सुविधा और शांत वातावरण का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने ‘पुस्तक संग्रह’ (Book Collection) वाले हिस्से का सघन निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि वहां विभिन्न विषयों, प्रतियोगी परीक्षाओं और साहित्य से जुड़ी पर्याप्त किताबें उपलब्ध हों। साथ ही, उन्होंने लाइब्रेरी की सदस्यता प्रक्रिया (Membership Process) की भी बारीकी से समीक्षा की, ताकि शहर के आम छात्रों और युवाओं को आसानी से और पारदर्शी तरीके से मेंबरशिप मिल सके।
पाठकों और कर्मचारियों से सीधा संवाद कर जाना जमीनी फीडबैक
निरीक्षण को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए, उप नगर आयुक्त ने वहां पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं और पाठकों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने पाठकों से लाइब्रेरी की वर्तमान सुविधाओं के बारे में उनका फीडबैक लिया और यह भी पूछा कि उन्हें पढ़ाई के लिए और किन-किन नई किताबों या सुविधाओं की आवश्यकता है। इसके अलावा, उन्होंने वहां कार्यरत कर्मचारियों से भी बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं और संचालन में आ रही किसी भी तरह की व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में जानकारी ली।
विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए बनेगा ‘उत्कृष्ट अध्ययन केंद्र’
अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक करते हुए श्री कृष्ण कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस पुस्तकालय को सिर्फ एक सामान्य लाइब्रेरी तक सीमित नहीं रखना है। इसे शहर के विद्यार्थियों, शोधार्थियों (Researchers) और पुस्तक प्रेमियों के लिए एक ‘उत्कृष्ट अध्ययन केंद्र’ (Center of Excellence) के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर के युवाओं के करियर निर्माण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में यह लाइब्रेरी एक अहम भूमिका निभाएगी।
स्वच्छता, अनुशासन और किताबों के अपग्रेडेशन पर विशेष जोर
उप नगर आयुक्त ने सख्त हिदायत दी कि लाइब्रेरी परिसर में स्वच्छता (Cleanliness) और अनुशासन (Discipline) के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। छात्रों के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाए रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने पुस्तक संग्रह को लगातार समृद्ध करने और नई-नई ज्ञानवर्धक व अद्यतन (Updated) पुस्तकों को शामिल करने पर विशेष बल दिया।
गौरतलब है कि दिशोम गुरु मेमोरियल म्युनिसिपल लाइब्रेरी, जमशेदपुर शहर में ज्ञान और अध्ययन की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में स्थानीय प्रशासन की एक बेहद महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक और दूरगामी पहल है।






