विलासपूर: आजकल सोशल मीडिया पर लाइक्स बटोरने और ‘रील’ (Reels) बनाने के चक्कर में युवा अपनी जान जोखिम में डालने से भी नहीं हिचकिचाते हैं। रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर सेल्फी लेना, कानों में ईयरफोन लगाकर पटरियों पर घूमना या शॉर्टकट के लिए ट्रैक पार करना एक जानलेवा शौक बन चुका है। हाल के दिनों में पटरी पार करने और ट्रैक पर समय बिताने के कारण हुई दर्दनाक दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर मंडल रेलवे प्रशासन ने 7 अप्रैल 2026 को एक सख्त चेतावनी और व्यापक जागरूकता अभियान जारी किया है। रेलवे ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी बहुमूल्य जान को इस तरह के अनावश्यक जोखिम में न डालें।
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जानलेवा शौक: पटरी पर सेल्फी, घूमना या बैठना है दंडनीय अपराध
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेलवे ट्रैक (Railway Track) पार करना, उस पर बैठना, घूमना या सेल्फी लेना न केवल अत्यंत खतरनाक है, बल्कि रेलवे अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध (Punishable Offense) भी है। ट्रेनों की गति बहुत तेज होती है और कई बार घुमावदार रास्तों या तेज हवाओं के कारण ट्रेन की आवाज का अंदाजा नहीं लग पाता। जब तक ट्रेन की उपस्थिति का अहसास होता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। आपकी एक छोटी सी लापरवाही पल भर में किसी गंभीर और जानलेवा दुर्घटना का कारण बन सकती है।
सुरक्षा सुविधाओं का करें उपयोग: FOB और लिफ्ट का लें सहारा
रेलवे का उद्देश्य केवल चेतावनी देना नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना भी है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और आम नागरिकों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए स्टेशनों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं:
एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए हमेशा फुट ओवरब्रिज (FOB), लिफ्ट और एस्केलेटर का ही उपयोग करें।
आम लोगों के सुरक्षित सड़क आवागमन के लिए रेलवे फाटकों के पास ओवरब्रिज और अंडरब्रिज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि ट्रैक पार करने के लिए किसी भी परिस्थिति में शॉर्टकट न अपनाएं और केवल निर्धारित सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें।
रेलवे का सघन जागरूकता अभियान और RPF की पैनी नजर
दुर्घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और संरक्षा विभाग (Safety Department) के कर्मचारी पूरी तरह से मुस्तैद हैं।
स्टेशनों पर लगातार पब्लिक एड्रेस सिस्टम (अनाउंसमेंट) के जरिए यात्रियों को ट्रैक न पार करने के सुरक्षा संदेश दिए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी युवाओं को जागरूक करने के लिए विशेष डिजिटल अभियान चलाया जा रहा है।
इसके अलावा, आरपीएफ (RPF) द्वारा पटरियों के आस-पास सतर्कता अभियान भी चलाया जा रहा है। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
दर्दनाक घटनाओं से लें सबक, जीवन है बहुमूल्य
हाल के दिनों में कुछ बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें लोगों द्वारा लापरवाहीपूर्वक ट्रैक पार करने या कान में ईयरफोन लगाकर पटरी पर चलने के कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। इन घटनाओं से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रेलवे प्रशासन ने सभी नागरिकों से पुनः मार्मिक अपील की है कि मानव जीवन बेहद बहुमूल्य है। चंद सेकंड बचाने या एक फोटो के लिए इसे दांव पर न लगाएं। स्वयं सुरक्षित रहें और अपने परिवार, बच्चों एवं समाज के अन्य लोगों को भी रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।




