जमशेदपुर।
लौहनगरी जमशेदपुर में 327वें खालसा स्थापना दिवस और बैसाखी का पावन पर्व पूरी श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर पूर्व विधायक सह झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षडंगी ने शहर के विभिन्न गुरुद्वारों में जाकर गुरु दरबार में अपनी हाजिरी लगाई। उन्होंने बिष्टुपुर, बारीडीह और बिरसानगर गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर मत्था टेका और गुरु महाराज से पूरे राज्य की सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
कीर्तन दरबार सजा और लगा रक्तदान शिविर
खालसा पंथ के 327वें स्थापना दिवस के मौके पर शहर के सभी गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजाए गए। इस दौरान विशेष कीर्तन दरबार और सामूहिक अरदास का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सिख संगत और स्थानीय श्रद्धालुओं ने शामिल होकर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ समाज सेवा की अनूठी मिसाल भी देखने को मिली। बिरसानगर और बारीडीह गुरुद्वारा कमिटी की ओर से इस पावन अवसर पर एक विशाल रक्तदान शिविर (Blood Donation Camp) का आयोजन किया गया था। इस शिविर में युवाओं और महिला रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इंसानियत के लिए अपना रक्तदान किया।
कुणाल षडंगी ने रक्तदाताओं का बढ़ाया उत्साह
पूर्व विधायक कुणाल षडंगी ने बारीडीह और बिरसानगर गुरुद्वारा में आयोजित रक्तदान शिविर का भी दौरा किया। उन्होंने वहां मौजूद युवा और महिला रक्तदाताओं से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और उनके इस निस्वार्थ सेवा भाव की जमकर सराहना की।
इस दौरान उपस्थित संगत को संबोधित करते हुए कुणाल षडंगी ने कहा कि सिख धर्म हमेशा से ही मानवता की सेवा और पूर्ण समर्पण की भावना का संदेश देता आया है। गुरु साहिबानों ने हमेशा इंसानियत की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गुरु परंपरा के महान आदर्शों पर चलकर ही आज के समाज में आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को बैसाखी और खालसा स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
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कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
गुरुद्वारों में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम और रक्तदान शिविर में कुणाल षडंगी के साथ-साथ कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से युवा समाजसेवी इंदरजीत सिंह, परमिंदर सिंह गोल्डी, बिष्टुपुर गुरुद्वारा के प्रधान प्रकाश सिंह, बिरसानगर गुरुद्वारा के प्रधान परमजीत सिंह रोशन, बारीडीह गुरुद्वारा के प्रधान अवतार सिंह, सिख नौजवान सभा बारीडीह के प्रधान जगजीत सिंह जग्गी, अमरजीत सिंह और सविंदर सिंह सहित सिख समाज के कई अन्य गणमान्य लोग एवं भारी संख्या में सेवादार उपस्थित थे।






