विलासपूर।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के नागपुर मंडल के अंतर्गत डोंगरगढ़ रेल सुरक्षा बल (RPF) ने ट्रेन की पटरियों के साथ छेड़छाड़ करने और एक संभावित बड़ी दुर्घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। रेलवे लाइन पर जानबूझकर लोहे का एक भारी टुकड़ा (जुगल प्लेट) रखने के कारण एक एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन का ऑयल टैंक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। रेलवे प्रशासन ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और गहन जांच के बाद आरोपी को दबोच लिया।
क्या थी पूरी घटना और कैसे हुआ नुकसान?
यह गंभीर घटना 5 अप्रैल 2026 की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल क्षेत्राधिकार में सुरक्षित रेल परिचालन को सुनिश्चित करने के दौरान यह मामला सामने आया। गाड़ी संख्या 12856 इतवारी–बिलासपुर एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग से तेज गति से गुजर रही थी। तभी परमालकसा के मध्य किलोमीटर संख्या 891/6 के पास ट्रेन के इंजन के नीचे पटरियों पर रखा एक जुगल प्लेट (लोहे का भारी टुकड़ा) जोर से टकराया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि इंजन का ऑयल टैंक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रेल परिचालन के लिए अत्यंत घातक थी। इस कृत्य से ट्रेन के बेपटरी होने जैसी कोई बहुत बड़ी संभावित दुर्घटना भी हो सकती थी, जिससे ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
RPF ने दिखाई सतर्कता, दर्ज किया मामला
मामले की गंभीरता और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट डोंगरगढ़ ने तुरंत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कर सघन जांच शुरू कर दी। मंडल सुरक्षा आयुक्त (रेसुब/द.पू.म.रे. नागपुर) दीप चंद्र आर्य के स्पष्ट मार्गदर्शन और डोंगरगढ़ पोस्ट के निरीक्षक प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 596/2026 के तहत रेलवे अधिनियम की धारा 153, 174(बी) और 147 के तहत मामला पंजीबद्ध किया और सुराग तलाशने शुरू किए।
मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया 15 वर्षीय आरोपी
लगातार जांच और मुखबिरों से मिली पक्की सूचना के आधार पर, RPF की टीम ने 12 अप्रैल 2026 को राजनांदगांव जिले के ग्राम पर्री नाला में एक घर पर दबिश दी। यहां पूछताछ के दौरान एक 15 वर्षीय बालक, गजेन्द्र यादव (निवासी पार्रीकला, जिला राजनांदगांव, छत्तीसगढ़) को चिन्हित किया गया।
जब टीम ने बालक से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जो वजह बताई वह हैरान करने वाली थी। बालक ने स्वीकार किया कि उसने रेलवे लाइन के पास पड़े उस लोहे के टुकड़े को सिर्फ यह सोचकर पटरी पर रख दिया था कि जब इसके ऊपर से भारी ट्रेन गुजरेगी, तो वह मुड़ा हुआ लोहा सीधा हो जाएगा। एक किशोर की इस नादानी के कारण रेलवे को भारी नुकसान हुआ और ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। आरोपी द्वारा अपनी गलती स्वीकार करने के बाद विधि अनुसार कार्रवाई करते हुए उसे मामले में सम्मिलित कर लिया गया है।
रेलवे की सख्त चेतावनी और यात्रियों से अपील
इस घटना के बाद नागपुर मंडल रेलवे सुरक्षा बल ने एक बार फिर आम जनता और रेल यात्रियों से सख्त अपील की है। रेलवे पटरियों के आसपास किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना, कोई वस्तु या पत्थर रखना या कोई भी संदिग्ध गतिविधि करना एक बेहद गंभीर और दंडनीय अपराध है। इससे न सिर्फ बहुमूल्य रेलवे संपत्ति का नुकसान होता है, बल्कि मासूम यात्रियों की जान भी जा सकती है।
RPF ने लोगों से अनुरोध किया है कि यदि रेलवे ट्रैक के आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई दे, तो बिना देर किए तुरंत नजदीकी RPF पोस्ट या रेलवे के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दें। रेलवे प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।




