
जमशेदपुर।
शहर में राष्ट्रभक्ति, महिला सशक्तिकरण और उद्यमशीलता की मिसाल कायम करने वाली दो महान विभूतियों को याद किया गया। बिष्टुपुर स्थित 66, के रोड परिसर में सोमवार को एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रतिष्ठित व्यापारिक समूह श्रीलेदर्स की सह-संस्थापक स्वर्गीय किरणमयी डे और देश के स्वतंत्रता संग्राम की प्रथम महिला शहीद प्रीतिलता वाड्डेदार के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित किया गया। इस श्रद्धांजलि एवं स्मरण समारोह में शहर के कई गणमान्य लोगों ने शिरकत की और दोनों महान शख्सियतों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
महान विभूतियों के संघर्ष और त्याग को किया गया नमन
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने देश की आजादी और समाज के निर्माण में इन दोनों महिलाओं के अप्रतिम योगदान को याद किया। इस खास अवसर पर श्रीलेदर्स ग्रुप के पार्टनर और वरिष्ठ समाजसेवी शेखर डे ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि 5 मई की तारीख कैलेंडर का केवल एक साधारण दिन नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के इतिहास की वह अनमोल धरोहर है जो आज भी हमें संघर्ष, असीम त्याग और राष्ट्रभक्ति की सच्ची प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज के समाज को इन विभूतियों से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।
आजादी के लिए प्रीतिलता वाड्डेदार का अदम्य साहस
देश की प्रथम महिला शहीद प्रीतिलता वाड्डेदार के बलिदान को याद करते हुए शेखर डे ने कहा कि उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के जुल्म और अत्याचारों के खिलाफ जिस अद्भुत साहस और वीरता का परिचय दिया, वह इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। मातृभूमि को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने और देश की आजादी के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनका यह सर्वोच्च बलिदान आज भी हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की लौ जलाता है और महिलाओं के लिए अदम्य साहस का प्रतीक है।
किरणमयी डे के मार्गदर्शन में श्रीलेदर्स बना ग्लोबल ब्रांड
समारोह में श्रीलेदर्स की सह-संस्थापक स्वर्गीय किरणमयी डे के व्यावसायिक और सामाजिक योगदान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। शेखर डे ने भावुक होते हुए कहा कि आज श्रीलेदर्स जिस मुकाम पर है, वह किरणमयी डे के दिखाए गए मार्ग और उनके ममता भरे मार्गदर्शन का ही परिणाम है। उनकी दूरदर्शी सोच, कड़ी मेहनत और कुशल नेतृत्व क्षमता के कारण ही श्रीलेदर्स आज केवल भारत में ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में एक बेहद लोकप्रिय और विश्वसनीय ब्रांड के रूप में मजबूती से स्थापित हो चुका है। संस्था आज भी उनके आदर्शों पर चलते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।
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राष्ट्रभक्ति और ‘पहले भारतीय’ होने का दिया गया संदेश
अपने संबोधन के अंत में शेखर डे ने देश की युवा पीढ़ी को एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज की नई पीढ़ी को हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों के इन बड़े बलिदानों को गहराई से समझने की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्भाग्यवश इतिहास के कई महत्वपूर्ण अध्याय और नायकों को भुला दिया गया है, जबकि वास्तव में ये शहीद ही हमारे राष्ट्र की असली ताकत और नींव हैं। उन्होंने अपील की कि हम सभी को अपने मन में सबसे पहले एक ‘भारतीय’ होने का भाव रखना चाहिए, तभी हमारा देश आंतरिक और बाहरी रूप से मजबूत बनेगा।
श्रद्धांजलि सभा में शहर के कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस गरिमामय श्रद्धांजलि समारोह में शहर के विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जमशेदपुर महिला समिति की अध्यक्ष ज्योत्सना डे, श्रीलेदर्स ग्रुप की पुजारिनी डे, समाजसेवी अल्पना भट्टाचार्य, झारखंड बंगाली समिति की सचिव झरना कर, निखिल बांग्ला समिति के संयुक्त सचिव आशीष गुप्ता के साथ-साथ नेताजी विचार मंच के अध्यक्ष पी.के. नंदी और मीरा शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इन दोनों महान महिलाओं के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।


