हाजीपुर / डीडीयू नगर: पूर्व मध्य रेल (ईसीआर) के अंतर्गत आने वाले और देश के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शनों में से एक, पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन यार्ड में ट्रेनों के सुचारु और तीव्र संचालन के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रेलवे प्रशासन ने यार्ड के भीतर स्थायी गति प्रतिबंधों (Permanent Speed Restrictions – PSR) में बड़ा संशोधन किया है। 30 अप्रैल 2026 से प्रभावी इस नए नियम के बाद अब यार्ड के विभिन्न सेक्शनों में ट्रेनों की गति बढ़ गई है, जिससे रेल यातायात की क्षमता और समयपालन (Punctuality) में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।
इन प्रमुख लाइनों पर बढ़ाई गई ट्रेनों की रफ्तार
डीडीयू यार्ड में पहले सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की अधिकतम गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित थी। लेकिन ट्रैक के उच्चीकरण और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद अब इसे बढ़ाकर 15 किमी/घंटा और कुछ चयनित लाइनों पर 30 किमी/घंटा कर दिया गया है।
संशोधित गति सीमा का विवरण इस प्रकार है:
लाइन संख्या 11 से अप प्रयागराज लाइन तक: गति सीमा को 10 किमी/घंटा से बढ़ाकर सीधे 30 किमी/घंटा कर दिया गया है।
डाउन प्रयागराज लाइन से प्लेटफॉर्म संख्या 1 तक: 10 किमी/घंटा से बढ़ाकर 15 किमी/घंटा।
डाउन लखनऊ लाइन से प्लेटफॉर्म संख्या 2 तक: 10 किमी/घंटा से बढ़ाकर 15 किमी/घंटा।
अप रिलीफ लाइन से प्लेटफॉर्म संख्या 3 तक: 10 किमी/घंटा से बढ़ाकर 30 किमी/घंटा।
अप मेन लाइन से प्लेटफॉर्म संख्या 3 तक: 10 किमी/घंटा से बढ़ाकर 15 किमी/घंटा।
प्लेटफॉर्म संख्या 1 से डाउन रिलीफ लाइन तक: 10 किमी/घंटा से बढ़ाकर 15 किमी/घंटा।
प्लेटफॉर्म संख्या 2 से डाउन मेन लाइन तक: 10 किमी/घंटा से बढ़ाकर 15 किमी/घंटा।
सुरक्षा और जागरूकता के लिए रेलवे के विशेष कदम
गति सीमा में इस वृद्धि के साथ-साथ रेलवे ने सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा है। यार्ड के सभी चिन्हित और महत्वपूर्ण स्थानों पर पुराने गति संकेतकों (स्पीड बोर्ड) को हटाकर नई गति सीमा वाले बोर्ड लगा दिए गए हैं। इसके अलावा, रेल संचालन से जुड़े कर्मचारियों—विशेषकर लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर (गार्ड)—को शेड नोटिस और विशेष काउंसलिंग के माध्यम से इन नए परिवर्तनों की विस्तार से जानकारी दी गई है। यह सुनिश्चित किया गया है कि यात्रा शुरू करने से पहले दिए जाने वाले कॉशन ऑर्डर (Caution Order) में भी इन संशोधित गति सीमाओं का स्पष्ट उल्लेख हो।
यार्ड की क्षमता और परिचालन दक्षता में होगा इजाफा
नए नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए रेलवे अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से फुटप्लेट निरीक्षण (इंजन में बैठकर चेकिंग) किया जा रहा है। आने वाले दिनों में क्रू मेंबर की सतत मॉनिटरिंग और काउंसलिंग की व्यवस्था भी की गई है।
डीडीयू जंक्शन जैसे विशाल यार्ड में ट्रेनों की गति 10 किमी/घंटा से बढ़कर 15 या 30 किमी/घंटा होने से एक ट्रेन को यार्ड पार करने में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी। इससे ना सिर्फ ट्रेनों का आवागमन तेज होगा, बल्कि पूरे नेटवर्क पर ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या भी कम होगी। रेलवे का मानना है कि यह पहल यार्ड की होल्डिंग क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षित और त्वरित रेल संचालन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।




