
जमशेदपुर: कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर द्वारा रविवार को बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। देशभक्ति के नारों और वीर रस से ओत-प्रोत इस समारोह में कारगिल युद्ध के 579 अमर शहीदों को नमन करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में देश की रक्षा करने वाले 30 युद्ध वीरों, वीर नारियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी समारोह में 450 से अधिक पूर्व सैनिक, गणमान्य नागरिक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


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युद्ध वीरों और इन प्रतिभाशाली बच्चों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ अतिथियों और युद्ध वीरों द्वारा भारत माता एवं वीर शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर किया गया। समारोह में कारगिल युद्ध से जुड़े 30 युद्ध वीरों एवं वीर नारियों को शॉल, स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित युद्ध वीर: हवलदार मानिक वर्धा, रणेश शरण सहित अन्य वीर जवान।
सम्मानित नागरिक व बच्चे: शिक्षा, खेल और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले हर्षित कुमार सिंह, मास्टर विश्वजीत सिंह, मास्टर विष्णु कुमार यादव, सुश्री हर्षिता समद, सुश्री मुस्कान कुमारी, मास्टर कुन्दन सिंह (कृषिव), मास्टर अंशुमन शर्मा, रीतेश कुमार, आकाश सिंह, श्रीमती अनिता सिंह और श्रीमती मंजीत कौर को सम्मानित किया गया।
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अदम्य साहस और शौर्य की मिसाल है भारतीय सेना
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भाजपा प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि कारगिल में भारतीय सैनिकों ने जिस अद्वितीय शौर्य का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। टाटा मोटर्स के जीएम जीवराज संधू ने कहा कि भारतीय सेना के साहस और बलिदान का पूरी दुनिया सम्मान करती है।
जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों का अपने अदम्य साहस से करारा जवाब दिया था। सैनिकों का सम्मान परिषद का सतत प्रयास है।
सत्येंद्र कुमार सिंह ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि भारतीय सेना अनुशासन और त्याग की सर्वोच्च मिसाल है, और प्रत्येक नागरिक का प्रथम कर्तव्य राष्ट्रहित होना चाहिए।
देशभक्ति से गूंजा बिष्टुपुर का माइकल जॉन सभागार
कार्यक्रम के दौरान गणेश वंदना, देशभक्ति गीत, नृत्य, नाटक और वीर रस की कविताओं ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। कारगिल युद्ध के नायक हवलदार मानिक वर्धा ने जब युद्ध के अपने जीवंत अनुभव साझा किए, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम का सफल संचालन के.के. ओझा ने और धन्यवाद ज्ञापन मनोज कुमार सिंह ने किया। समारोह को सफल बनाने में राष्ट्रचेतना, अभ्युदय, नरेश मोहन स्मृति संस्थान, क्रीड़ा भारती, एबीवीपी, सैन्य मातृशक्ति, विश्व हिंदू परिषद, जय हिंद क्लब सहित अनेक संगठनों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस मौके पर राजकुमार सिंह, शिव शंकर सिंह, मानस मिश्रा, सीएस झा, सूबेदार अमरनाथ, नायब सूबेदार सुभाष चंद्र दास, क्रीड़ा भारती के चंद्रशेखर, दीपक शर्मा, उमेश शर्मा समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।



