
जमशेदपुर ।।शहर की लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बेलगाम अपराध के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 3 जुलाई (शुक्रवार) को ‘जमशेदपुर बंद’ का आह्वान किया है। बिष्टुपुर में हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड के अलावा शहर में लगातार बढ़ रही चापड़बाजी, लूट, अवैध लॉटरी, नशे के कारोबार और चेन छिनतई जैसी घटनाओं के विरोध में यह बड़ा कदम उठाया गया है। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह बंद किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि शहर में शांति, सुरक्षा और भयमुक्त वातावरण स्थापित करने के लिए एक जनआंदोलन है।

प्रशासन की कार्यशैली और पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
साकची स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बिष्टुपुर में पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। यह सिर्फ एक युवक की नहीं, बल्कि जमशेदपुर की कानून-व्यवस्था की हत्या है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर खौफ में हैं। इस आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बन गया है जमशेदपुर: पूर्णिमा साहू
जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में शहर अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन गया है। हत्या, छिनतई और नशे के अवैध कारोबार ने लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। अपराधियों में पुलिस-प्रशासन का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है और जनता का भरोसा भी सरकार से उठ गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो शहरवासियों को इसका और भी गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
शांतिपूर्ण बंद की अपील, आवश्यक सेवाएं रहेंगी मुक्त
भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने सभी व्यापारिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, ट्रांसपोर्ट और ऑटो यूनियनों से बंद को स्वैच्छिक समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 3 जुलाई को होने वाले इस बंद के दौरान अस्पताल, एम्बुलेंस, दवा और दूध की दुकानों जैसी आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह से मुक्त रखा जाएगा।
आज शाम शहर भर में निकलेगा आक्रोश मशाल जुलूस
बंद से ठीक एक दिन पहले, गुरुवार (2 जुलाई) की शाम को शहर के सभी मंडल क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ता आम नागरिकों के साथ मिलकर ‘आक्रोश मशाल जुलूस’ निकालेंगे। इस जुलूस के माध्यम से प्रशासनिक विफलता और बढ़ते अपराध के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए जनता से 3 जुलाई के बंद को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने की अपील की जाएगी।


