Ranchi NEWS: झारखंड की राजनीति में भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य में विभिन्न घोटालों की चल रही जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में आरोप लगाया है कि प्रदेश में अब “घोटालों से बड़ा घोटाला ‘जांच घोटाला’ बन गया है।” पूर्व मुख्यमंत्री ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि राज्य का युवा वर्ग आज हताश है और यह जानना चाहता है कि क्या हर बार घोटालों की जांच की कहानी इसी तरह बिना किसी ठोस नतीजे के लीपापोती कर समाप्त कर दी जाएगी।
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JSSC और JPSC मामलों में लीपापोती का गंभीर आरोप
रघुवर दास ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) घोटाले की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच दल (SIT) ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और कई अहम साक्ष्य भी जुटाए। लेकिन, दुर्भाग्यवश तत्कालीन अध्यक्ष से केवल इस्तीफा लेकर उन्हें सुरक्षित रास्ता (सेफ पैसेज) दे दिया गया। उन्होंने दावा किया कि अब झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े मामले में भी बिल्कुल यही लीपापोती की प्रक्रिया दोहराई जा रही है, जो छात्रों के भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक है।
साक्ष्य मिटाने और दोषियों को संरक्षण देने की कोशिश
वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में मूल समस्या सिर्फ घोटालों की नहीं है, बल्कि उनकी जांच के पक्षपाती तरीके की भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में सरकारी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य दोषियों को सजा दिलाना नहीं है। इसके बजाय, घोटालों में शामिल प्रभावशाली राजनेताओं को बचाना, भ्रष्ट नौकरशाहों को संरक्षण देना और मामलों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करना ही जांच का असल लक्ष्य प्रतीत होता है।
नौकरशाह बन गए हैं प्राकृतिक संसाधनों की लूट का हथियार
शराब घोटाला, जमीन घोटाला, अवैध खनन और DMFT (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड से जुड़े मामलों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए रघुवर दास ने कहा कि सरकारी मशीनरी का ऐसा दुरुपयोग राज्य की न्याय व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चुनिंदा नौकरशाह वर्तमान मुख्यमंत्री के सबसे अहम हथियार बन गए हैं। इन्हीं के जरिए कथित तौर पर बड़े घोटाले किए जा रहे हैं। राज्य में जमीन, बालू और पत्थर की खुलेआम लूट हो रही है, जिससे न केवल युवाओं के भविष्य को दांव पर लगाया जा रहा है, बल्कि सरकारी खजाने को भी भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
पूरे ‘जांच घोटाले’ की हो पारदर्शी और निष्पक्ष CBI जांच
रघुवर दास ने कड़े शब्दों में यह मांग की है कि राज्य में केवल कथित घोटालों की ही नहीं, बल्कि जांच के नाम पर चल रहे इस पूरे “जांच घोटाले” की भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका दृढ़ मानना है कि एक स्वतंत्र एजेंसी के तौर पर सीबीआई की जांच से ही इस पूरे काले प्रकरण का पर्दाफाश होगा। इससे वास्तविक दोषियों की पहचान होगी और भ्रष्टाचारियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे जनता का व्यवस्था पर विश्वास पुनः कायम हो सके।