जमशेदपुर । सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने अब सख्त रवैया अपना लिया है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त के निर्देशानुसार यातायात एवं सड़क सुरक्षा से संबंधित एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्पष्ट किया गया है कि अब यातायात नियमों की अनदेखी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त संतोष गर्ग, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राहुल जी आनंद जी, डीटीओ धनंजय सहित अन्य विभागीय पदाधिकारी और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
मार्च में 48 सड़क दुर्घटनाएं, चालकों की लापरवाही बनी मुख्य वजह
समीक्षा के दौरान मार्च माह में जिले में हुई 48 सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। दुर्घटनाओं के कारणों की पड़ताल में यह बात साफ तौर पर सामने आई कि अधिकतर हादसे चालकों की घोर लापरवाही और यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि गलत दिशा (Wrong Way) में वाहन चलाना, तय सीमा से अधिक तेज रफ्तार (Over-speeding) और नशे की हालत में ड्राइविंग (Drink and Drive) को इन दुर्घटनाओं का सबसे प्रमुख कारण पाया गया है।
लापरवाही पर सीधा लाइसेंस होगा रद्द, वाहन मालिकों की तय होगी जवाबदेही
यातायात व्यवस्था को सुधारने और हादसों को रोकने के लिए अधिकारियों ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालकों पर अब सिर्फ जुर्माना लगाकर नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा। इसके अलावा यात्री वाहनों, मालवाहक वाहनों और स्कूल वैन में क्षमता से अधिक सवारी (ओवरलोडिंग) बैठाने वालों पर कड़ा शिकंजा कसा जाएगा। सबसे अहम फैसला यह लिया गया है कि सड़क पर जहां-तहां वाहन रोककर सवारी चढ़ाने या उतारने के मामले में अब सीधे वाहन मालिक (Owner) की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हिट एंड रन मुआवजा और स्कूलों में जागरूकता अभियान पर जोर
बैठक में ‘हिट एंड रन’ (Hit and Run) मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में प्रभावित परिजनों को मिलने वाली सरकारी मुआवजा राशि के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को समय पर राहत मिल सके। इसके साथ ही, युवा पीढ़ी को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए जिले के सभी स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों के बीच विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया है।
तीन ‘गुड समारिटन’ हुए नकद राशि और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित
प्रशासन ने उन लोगों की भी दिल खोलकर सराहना की जो सड़क दुर्घटना के वक्त फरिश्ता बनकर सामने आते हैं। दुर्घटना में घायल लोगों को ‘गोल्डन ऑवर’ (Golden Hour) के भीतर तुरंत अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने वाले तीन ‘गुड समारिटन’ (नेक मददगारों) को सम्मानित किया गया। इनमें मुसाबनी थाना प्रभारी अनुज कुमार सिंह, मुसाबनी निवासी रामदेव हेम्ब्रम और चाकुलिया निवासी बागुन केराई शामिल हैं। इन तीनों को प्रशासन की ओर से 2-2 हजार रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया गया, ताकि समाज के अन्य नागरिक भी इस नेक कार्य के लिए आगे आएं।





