जमशेदपुर। शहर के शिक्षा जगत से एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय’ (CM School of Excellence) के तहत संचालित बर्मामाइंस स्थित बीपीएम विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर पूरे शहर का मान बढ़ाया है। इन मेधावी विद्यार्थियों की इस अभूतपूर्व सफलता को सराहने और उनका उत्साहवर्धन करने के लिए जमशेदपुर के साकची स्थित पूर्व विधायक सह झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षडंगी के कार्यालय में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही मार्गदर्शन और आधुनिक संसाधन मिलें, तो सरकारी स्कूल के बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन होनहार विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
दसवीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बीपीएम विद्यालय के तीन प्रमुख विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इनमें सबसे पहला नाम रिया कुमारी का है, जिन्होंने 93.80% अंक लाकर अपनी मेधा का परचम लहराया है। दूसरे स्थान पर हर्ष नामता रहे, जिन्होंने 88.40% अंक प्राप्त किए। वहीं, 84.80% अंकों के साथ पिंकी कुमारी ने भी शानदार सफलता हासिल की। कार्यक्रम के दौरान कुणाल षडंगी ने इन तीनों होनहार बच्चों को अंगवस्त्र पहनाकर और उपहार देकर सम्मानित किया। बच्चों के चेहरों पर इस सम्मान को पाकर जो खुशी थी, वह वहां मौजूद हर व्यक्ति को भविष्य के लिए प्रेरित कर रही थी।
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सरकारी स्कूलों में मिल रही निजी स्कूलों जैसी विश्वस्तरीय शिक्षा: कुणाल षडंगी
समारोह को संबोधित करते हुए कुणाल षडंगी ने कहा कि झारखंड सरकार की ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय योजना’ का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को भी निजी स्कूलों की तर्ज पर विश्वस्तरीय शिक्षा और एक बेहतरीन मंच प्रदान किया जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बीपीएम स्कूल के इन बच्चों का बेहतरीन परीक्षा परिणाम उसी सफलता का एक प्रत्यक्ष और जीता-जागता प्रमाण है। आज सरकारी स्कूलों का ढांचा बदल रहा है और वहां के बच्चे हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत साबित कर रहे हैं।
डिजिटल स्मार्ट क्लास और कड़ी मेहनत का है यह परिणाम
इस खास मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्य रंजीता गांधी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों, उनके माता-पिता और विद्यालय के सभी शिक्षकों को इस शानदार सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी। रंजीता गांधी ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि यह उनकी दिन-रात की गई कड़ी मेहनत, लगन और विद्यालय में उपलब्ध कराए गए ‘डिजिटल स्मार्ट क्लास’ जैसे आधुनिक संसाधनों के सही उपयोग का सटीक परिणाम है। शिक्षकों के उचित मार्गदर्शन ने बच्चों की प्रतिभा को निखारने का काम किया है। उन्होंने सभी बच्चों के उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य की कामना की।
समाजसेवियों और अभिभावकों ने बढ़ाया बच्चों का हौसला
साकची में आयोजित इस सम्मान समारोह में शिक्षा और समाज सेवा के प्रति समर्पित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से युवा समाजसेवी इंदरजीत सिंह उपस्थित थे, जिन्होंने बच्चों की पीठ थपथपाई और उन्हें आगे भी इसी तरह मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही, सम्मानित होने वाले तीनों बच्चे और उनके अभिभावक भी इस गौरवपूर्ण पल का हिस्सा बने। अभिभावकों ने सरकार और विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया, जिनकी बदौलत उनके बच्चों को यह मुकाम हासिल हुआ है।





