JAMSHEDPUR NEWS: पोटका में सेरेब्रल मलेरिया का खौफनाक कहर, 150 संक्रमित और 4 बच्चों की मौत; प्रशासन हाई अलर्ट पर
जमशेदपुर के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका ब्लॉक में सेरेब्रल मलेरिया का कहर जारी है। 3000 जांच में 150 ग्रामीण पॉजिटिव पाए गए हैं और 4 बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट पर है, बचाव कार्य तेज
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका ब्लॉक में सेरेब्रल मलेरिया ने अब एक भयानक रूप ले लिया है। लगातार बढ़ रहे संक्रमण और नए मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों की जांच और निगरानी तेज कर दी है। बुधवार को पोटका ब्लॉक में 9 और ग्रामीण सेरेब्रल मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
एक हफ्ते में 3000 टेस्ट, 150 ग्रामीण मिले संक्रमित
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धाउड़िया ने जानकारी देते हुए बताया कि 24 जून से लेकर अब तक प्रभावित इलाकों में लगभग 3000 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। इनमें से करीब 150 ग्रामीण सेरेब्रल मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं।
सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र: मलेरिया के सबसे ज्यादा पॉजिटिव मामले पोटका के कंदर (Kandar) और हितबासा (Hithbasa) जैसे गांवों से सामने आ रहे हैं।
प्रशासनिक कदम:
एहतियाती कदम उठाते हुए इन क्षेत्रों में मेडिकल टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। ग्रामीणों को जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं और मच्छरदानियों का वितरण किया जा रहा है। संक्रमण को रोकने के लिए युद्धस्तर पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग (fogging) की जा रही है।
4 मासूमों की दर्दनाक मौत, अस्पतालों में चल रहा इलाज
डॉ. धाउड़िया ने बताया कि पिछले सप्ताह मलेरिया का पहला मामला सामने आने के बाद से अब तक चार बच्चों की जान जा चुकी है। मरने वालों में 1 से 13 वर्ष की आयु की तीन बच्चियां भी शामिल हैं। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को तुरंत बड़े अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है।
वर्तमान में 9 मलेरिया पॉजिटिव मरीजों का इलाज पोटका ब्लॉक के अस्पताल में चल रहा है, जबकि 45 अन्य मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
आज से पूरे जिले में चला वृहत अभियान: डीसी राजीव रंजन
जिले के उपायुक्त (DC) राजीव रंजन ने बताया कि नए मरीजों का इलाज स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर ही उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया जा रहा है। सदर अस्पताल में भर्ती मरीज तेजी से रिकवर कर रहे हैं। हालांकि, एमजीएम (MGM) अस्पताल में एक-दो मरीज वेंटिलेटर पर हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि जानमाल के नए नुकसान की कोई सूचना नहीं है।डीसी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। 1 जुलाई से जिले के अन्य सभी प्रखंडों में भी मलेरिया रोकथाम के लिए एक वृहत अभियान की शुरुआत कर दी गई है।