
जमशेदपुर । सांसद बिद्युत बरण महतो ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर क्षेत्र की प्रमुख रेल समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस अहम बैठक में सांसद ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव और प्रस्ताव रखे, जिस पर रेल मंत्री ने सभी कार्यों को ‘मिशन मोड’ में पूरा करने का ठोस आश्वासन दिया है।

टाटानगर में वंदे भारत डिपो और 4 नए प्लेटफॉर्म की मांग
रेलवे सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में सांसद बिद्युत बरण महतो ने टाटानगर में वंदे भारत ट्रेनों के मेंटेनेंस डिपो के निर्माण का प्रमुखता से आग्रह किया। उन्होंने रेल मंत्री को अवगत कराया कि यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के पास पहले से लंबित है, जिसे जल्द स्वीकृति मिलनी चाहिए। इसके अलावा, टाटानगर स्टेशन पर ट्रेनों के भारी दबाव और जाम (कंजेशन) की स्थिति से निजात पाने के लिए 4 नए प्लेटफॉर्म बनाने की भी अहम मांग रखी गई है।
मरीजों और छात्रों के लिए टाटानगर-बेंगलुरु नई ट्रेन
चिकित्सा और उच्च शिक्षा के लिए दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सांसद ने टाटानगर से बेंगलुरु के लिए एक नई ट्रेन की मांग की है। यह प्रस्तावित ट्रेन खड़गपुर-बालेश्वर-भुवनेश्वर-विजयनगरम-काटपाड़ी होते हुए चलेगी। इसके साथ ही, दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए आनंद विहार-पुरुलिया ट्रेन (14022) का विस्तार टाटानगर तक करने का अनुरोध किया गया है। वर्तमान में यह ट्रेन पुरुलिया में 15 घंटे रुकती है, विस्तार होने से टाटानगर को दिल्ली के लिए एक और सीधी ट्रेन मिल जाएगी।
सैटेलाइट स्टेशन और गम्हरिया-आदित्यपुर फोर्थ लाइन
ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या को दूर करने के लिए गम्हरिया और आदित्यपुर के बीच चौथी (फोर्थ) लाइन बिछाने की मांग की गई है। इसके अलावा, टाटानगर के पास प्रस्तावित सैटेलाइट रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया गया। बता दें कि इस सैटेलाइट स्टेशन के फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी मिल चुकी है। सांसद ने टाटानगर-बादाम पहाड़ रेल लाइन पर मकदमपुर में आरओबी (ROB) का कार्य शीघ्र पूरा करने पर भी विशेष जोर दिया।
मालगाड़ियों का दबाव कम करने के लिए नई बाईपास लाइन
टाटानगर पर गुड्स ट्रेन (मालगाड़ी) के दबाव को कम करने के लिए सांसद ने चांडिल से नीमडीह, बोडाम, पटमदा, कटिन, बांदवान प्रस्तावित रेलवे लाइन को पुरुलिया-झाड़ग्राम रेल लाइन से जोड़ने का बेहतरीन सुझाव दिया है। इस नई बाईपास लाइन के बनने से न सिर्फ यात्री ट्रेनों का संचालन सुगम होगा, बल्कि बोडाम और पटमदा क्षेत्र के लिए यह एक नई जीवन रेखा साबित होगी।


