
जमशेदपुर।

जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की होनहार एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) छात्रा नाजिया परवीन ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनका चयन आगामी 12 दिवसीय ‘राष्ट्रीय गांधीवादी नेतृत्व शिविर’ के लिए किया गया है। नाजिया की इस शानदार उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे विश्वविद्यालय और शहर में हर्ष का माहौल है। यह सफलता उनके समर्पण, सामाजिक कार्यों के प्रति रुचि और नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट प्रमाण है।
200 से अधिक उम्मीदवारों को पछाड़कर 50 सर्वश्रेष्ठ में बनाई जगह
इस प्रतिष्ठित शिविर के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी और कठिन थी, जिसमें पूरे भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों से 200 से अधिक एनएसएस (NSS) स्वयंसेविकाओं और एनसीसी (NCC) कैडेटों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया था। इन सभी प्रतिभागियों में से व्यक्तिगत साक्षात्कार और कड़े मूल्यांकन के आधार पर देशभर से मात्र 50 सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों का अंतिम चयन किया गया। यह झारखंड राज्य के लिए बड़े ही गौरव की बात है कि इन 50 चयनित उम्मीदवारों में राज्य से केवल दो होनहार छात्राओं ने अपनी जगह पक्की की है, जिनमें से एक जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की प्रतिभावान छात्रा नाजिया परवीन हैं।
महाराष्ट्र के जलगांव में 21 सितंबर से आयोजित होगा 12 दिवसीय आवासीय शिविर
इस 12 दिवसीय विशेष आवासीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन महाराष्ट्र के जलगांव में दिनांक 21 सितंबर से 3 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर के शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं के भीतर सामुदायिक नेतृत्व की मजबूत भावना का निर्माण करना और उन्हें गांधीवादी आदर्शों व मूल्यों की गहरी शिक्षा देना है। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को समाज में अहिंसा और शांति के दूत के रूप में कार्य करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। नाजिया वहां देश के विभिन्न कोनों से आए युवाओं के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेंगी, जिससे उनके दृष्टिकोण का और अधिक विस्तार होगा।
कुलपति प्रो इला कुमार ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
नाजिया परवीन की इस असाधारण सफलता पर जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो इला कुमार ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने नाजिया को व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। प्रो इला कुमार ने कहा कि नाजिया की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की अन्य छात्राओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बनेगी और उन्हें समाज सेवा व राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विश्वविद्यालय परिवार को अपनी इस छात्रा पर पूरा गर्व है।


