
जमशेदपुर/घाटशिला। झारखंड के उच्च शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में 18 जुलाई 2026 को एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित हुआ। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर और घाटशिला स्थित सोना देवी विश्वविद्यालय के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस महत्वपूर्ण साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-शिक्षा सहयोग को नई दिशा और ऊंचाइयों पर ले जाना है।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप तैयार हुआ रोडमैप
यह एमओयू पूरी तरह से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के विजन और उद्देश्यों पर आधारित है। इसके तहत विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर के अनुसंधान और कौशल प्रशिक्षण के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे। यह साझेदारी औद्योगिक मांग के अनुसार दक्ष मानव संसाधन तैयार करने और रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। जहां एनआईटी जमशेदपुर इंजीनियरिंग और विज्ञान में अपनी उत्कृष्ट परंपरा के लिए विख्यात है, वहीं सोना देवी विश्वविद्यालय 13 स्कूलों के तहत 66 से अधिक पाठ्यक्रम संचालित कर एक अग्रणी संस्थान बन चुका है।
छात्रों को मिलेंगे इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के बेहतरीन अवसर
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से कई बड़े कार्यक्रम संचालित करेंगे। इनमें फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP), राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, समर इंटर्नशिप, प्लेसमेंट गतिविधियां और कॉर्पोरेट ट्रेनिंग शामिल हैं। इसके अलावा, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर भी विशेष रूप से काम किया जाएगा। प्रारंभिक रूप से यह समझौता तीन वर्षों के लिए लागू किया गया है, जिसे भविष्य में आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।
‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को मिलेगी गति
इस अवसर पर सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने इसे झारखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल दो संस्थानों का मिलन नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत-2047’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. नीत नयना और सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह ने कहा कि एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का साथ मिलने से छात्रों को आधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का सीधा लाभ मिलेगा।
इस ऐतिहासिक और गरिमामयी अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सुत्रधार, कुलाधिपति प्रभाकर सिंह, कुलसचिव डॉ. नीत नयना और सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह सहित दोनों संस्थानों के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।



