जमशेदपुर।
सरायकेला जिले के धालभूमगढ़ ब्लॉक स्थित सियाडीह गांव में ग्रामीणों के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। 12 अप्रैल को आयोजित इस शिविर का नेतृत्व सेंट मैरी एलुमनाई ट्रस्ट (SMAT) द्वारा किया गया। गांव के विद्या ज्योति मिडिल स्कूल परिसर में लगाए गए इस चिकित्सा शिविर में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और अपनी स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया।
आंखों की जांच और बच्चों की जन्मजात बीमारियों की हुई विशेष स्क्रीनिंग
इस स्वास्थ्य शिविर में सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ कई विशेष जांचों की भी उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। आंखों की विशेषज्ञ जांच के लिए पूर्णिमा नेत्रालय की टीम ने अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया, जहां लोगों के दृष्टि दोष और अन्य नेत्र संबंधी समस्याओं की बारीकी से जांच की गई। इसके अलावा, बच्चों में होने वाली जन्मजात स्वास्थ्य समस्याओं (Congenital Health Issues) की पहचान और स्क्रीनिंग के लिए जमशेदपुर के प्रतिष्ठित सत्य साई संजीवनी अस्पताल की मेडिकल टीम ने अपनी विशेष सेवाएं दीं।
मुफ्त दवाओं का हुआ वितरण, बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए खुला था शिविर
इस स्वास्थ्य शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था। इसलिए, इस शिविर को पूरी तरह से धर्म, जाति या संप्रदाय के भेदभाव से मुक्त रखा गया था। यह सभी वर्गों के लोगों के लिए समान रूप से खुला था। जांच के पश्चात, डॉक्टरों के परामर्श के आधार पर जरूरतमंद मरीजों और ग्रामीणों के बीच मुफ्त दवाओं का भी वितरण किया गया, जिससे उन्हें बड़ी आर्थिक और मानसिक राहत मिली।
आयोजन में इन प्रमुख लोगों की रही अहम भूमिका और मार्गदर्शन
ग्रामीण क्षेत्र में इस सफल स्वास्थ्य शिविर को धरातल पर उतारने और आयोजित करने में सेंट मैरी इंग्लिश स्कूल के प्रिंसिपल फादर वेरोन डिसूज़ा और विद्या ज्योति मिडिल स्कूल (सियाडीह) के प्रिंसिपल फादर एलेक्स ने मुख्य प्रेरक की भूमिका निभाई। उनके कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी सोच के कारण ही यह नेक कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
इस विशाल शिविर को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सेंट मैरी एलुमनाई एसोसिएशन (SMAA) के पदाधिकारियों और सदस्यों ने स्वयंसेवक (Volunteers) के रूप में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। शिविर में व्यवस्था संभालने वालों में मुख्य रूप से संस्था के अध्यक्ष शशि तिवारी, पूर्व अध्यक्ष गुरुशरण सिंह, महासचिव अमृता धंजल और कोषाध्यक्ष चंद्रशेखर शामिल थे। इनके अलावा टीम के अन्य सक्रिय सदस्यों अश्विनी छाबड़ा, तेज सिंह, मनजोत सिंह गिल और प्रीति सैनी ने भी मरीजों की सहायता करने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।






