
जमशेदपुर.


चिकित्सा क्षेत्र के आदर्शों, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और मानवीय मूल्यों को रेखांकित करती डॉ. अनुराग की बहुचर्चित पुस्तक “THE HUMAN WARD : HEALING PEOPLE, HEALING SOCIETY” का तुलसी भवन में लोकार्पण समारोह सम्पन्न हुआ. ‘अभियान फॉर ए बैटर टूमोरो’ की ओर से आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में राजनीति, शिक्षा और चिकित्सा जगत की दिग्गज हस्तियों ने भाग लिया.
विमोचनकर्ता:
विधायक सरयू राय, डॉ. प्रभाकर सिंह, डॉ. एस. एस. रज़ी, डॉ. पी. के. पानी समेत कई शिक्षाविदों ने संयुक्त रूप से पुस्तक का लोकार्पण किया.
अध्यक्षता:
झारखंड के प्रथम स्वास्थ्य मंत्री एवं प्रख्यात चिकित्सक डॉ. दिनेश षाड़ंगी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की.
समारोह का मुख्य संदेश:
चिकित्सा सेवा पर व्यवसाय हावी न हो, मानवीयता को आधार बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है.
चिकित्सा सेवा से व्यवसाय का हावी होना चिंताजनक: डॉ. दिनेश षाड़ंगी
लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करते हुए झारखंड के प्रथम स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश षाड़ंगी ने कहा: ”जब तक अस्पतालों में गरीबों और अमीरों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएँ रहेंगी तथा चिकित्सा सेवा पर व्यवसाय हावी रहेगा, तब तक इस क्षेत्र में मानवीय जीवन मूल्यों की पूर्ण उपस्थिति संभव नहीं हो सकेगी.”कार्यक्रम का शुभारम्भ मुसाबनी की संगीता मंडल एवं उनके दल ने वैदिक मंत्रोच्चार और कल्याण कामना के साथ किया.
”वर्तमान समय में ऐसी संवेदनशील पुस्तक की सख्त जरूरत”: सरयू राय
मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय ने लेखक को बधाई देते हुए कहा कि आज के दौर में ऐसी पुस्तक की अत्यंत आवश्यकता थी, जो वर्तमान चिकित्सा व्यवस्था को विशुद्ध मानवीय दृष्टिकोण से देखने का साहस करती है.
चिकित्सा और प्रबंधन के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य अध्ययन सामग्री
कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने पुस्तक की उपयोगिता पर प्रकाश डाला. प्रो. मित्रेश्वर अग्निमित्र ने लेखक डॉ. अनुराग के जीवन प्रसंगों और उन अनुभवों को साझा किया, जिनसे उन्हें चिकित्सा प्रबंधन में एक विशिष्ट दृष्टि मिली.डॉ. नरेश कुमार ने अध्यायों का विश्लेषण करते हुए कहा कि यह पुस्तक चिकित्सकों के साथ-साथ मैनेजमेंट के विद्यार्थियों और पेशेवरों के लिए भी बेहतरीन मार्गदर्शक सिद्ध होगी.डॉ. एस. एस. रज़ी, डॉ. प्रभाकर सिंह, डॉ. पी. के. पानी एवं प्रो. अमिताभ बोस ने पुस्तक को समकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए इसे पाठ्य सामग्री के रूप में शामिल करने की बात कही. पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी (लेखक के सहपाठी) ने डॉ. अनुराग के साथ छात्र जीवन की प्रेरणादायक यादें साझा कीं.
मानव होने के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं”: डॉ. अनुराग
अपने लेखकीय वक्तव्य में डॉ. अनुराग ने कहा:”मानव होने के लिए किसी डिग्री की आवश्यकता नहीं होती. प्रत्येक व्यक्ति को अपने हर कार्य में मानवीयता को आधार बनाकर चलना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में अपनी संवेदनशीलता नहीं खोनी चाहिए.”
गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति और सुव्यवस्थित संचालन
समारोह में शहर के प्रमुख चिकित्सकों, शिक्षकों, प्रशासकों, कवियों और बुद्धिजीवियों की बड़ी संख्या में गरिमामयी उपस्थिति रही. संस्था के महासचिव प्रो. इंदल पासवान ने स्वागत भाषण दिया. सचिव विजय सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया. वहीं मशहूर रंगकर्मी अनीता सिंह ने मंच संचालन किया.उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पूरा आयोजन चिकित्सा, प्रबंधन और मानवीय संवेदनाओं के अद्भुत समन्वय के रूप में याद किया जाएगा.


