
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के स्वास्थ्य विभाग की विशेष पहल से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 7 बच्चों को नया जीवन मिला है। सिविल सर्जन साहिर पाल की पहल पर जिले के विभिन्न प्रखंडों के इन बच्चों का निःशुल्क उपचार कोच्चि (केरल) के अमृता अस्पताल में सफलतापूर्वक कराया गया। इलाज के बाद स्वस्थ होकर जमशेदपुर लौटे बच्चों का सिविल सर्जन ने अपने कार्यालय में स्वागत किया।
## स्वास्थ्य विभाग ने उठाई इलाज की पूरी जिम्मेदारी
इस पहल के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को चिन्हित कर उनके समुचित इलाज की व्यवस्था की गई।
- बच्चों के इलाज से संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया, जैसे जांच, रेफरल, अस्पताल में भर्ती, ऑपरेशन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं विभाग की ओर से पूरी तरह से निःशुल्क सुनिश्चित की गईं।
- सिविल सर्जन साहिर पाल ने सभी बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति महज आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे।
### इन 7 बच्चों का हुआ सफल इलाज
कोच्चि के अमृता अस्पताल में जिन बच्चों का सफल उपचार कराया गया है, उनमें शामिल हैं:
- पोटका: आर्यन सोरेन
- मुसाबनी: मो. आमिर
- चाकुलिया: गणेश महतो, मोनिका मुण्डा और रोहित मुण्डा
- धालभूमगढ़: पायल मुण्डा और सार्गन बासके
## परिजनों ने जताया आभार, आम लोगों से की गई यह अपील (H2)
इस अवसर पर बच्चों के अभिभावकों ने जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे इतने बड़े अस्पतालों में इलाज कराने में सक्षम नहीं थे, लेकिन सिविल सर्जन की इस पहल से उनके बच्चों को नया जीवन मिला है।
सिविल सर्जन साहिर पाल ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी बच्चा जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित है और आर्थिक रूप से उपचार कराने में असमर्थ है, तो वे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला स्वास्थ्य कार्यालय से तुरंत संपर्क करें, ताकि उन्हें भी सरकार की इस योजना का लाभ दिलाया जा सके।

