जमशेदपुर । दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि रेलवे बोर्ड के नए नियमों के तहत अब रेलवे की जमीन पर दुकानों को लीज पर नहीं दिया जा रहा है। जिन दुकानों का लीज रिन्यूअल नहीं हुआ है या जो मूल आवंटित व्यक्ति के अलावा किसी अन्य के कब्जे में हैं, उन्हें कानूनी रूप से अवैध माना जाएगा और नियमों के तहत हटाया जाएगा।
पुनर्वास की जिम्मेदारी राज्य सरकार की
महाप्रबंधक ने साफ कहा कि रेलवे अपनी जमीन से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई जारी रखेगा, लेकिन हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास (Rehabilitation) की जिम्मेदारी रेलवे की नहीं बल्कि राज्य सरकार की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि रेलवे को अपनी जमीन की आवश्यकता होगी, तो अतिक्रमण हटाना अनिवार्य होगा।
लीज नियमों में बदलाव और सख्ती
रेलवे बोर्ड के नए प्रावधानों के अनुसार अब लीज व्यवस्था में सख्ती लाई गई है। यदि किसी लीजधारक का निधन हो चुका है या दुकान को बिना वैध रिन्यूअल के किसी अन्य व्यक्ति, यहां तक कि परिवार के सदस्य को भी हस्तांतरित किया गया है, तो ऐसी दुकानों को अवैध माना जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बागबेड़ा में MDDTI का उद्घाटन
जीएम अनिल कुमार मिश्रा ने बागबेड़ा में अत्याधुनिक मल्टी-डिसिप्लिनरी डिविजनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (MDDTI) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने रेलवे में चल रही प्रशिक्षण और विकास योजनाओं की जानकारी साझा की और पत्रकारों से बातचीत भी की।
पुराने स्कूल भवन का आधुनिक रूपांतरण
यह ट्रेनिंग सेंटर एक पुराने और बंद पड़े रेलवे स्कूल भवन के पुनरुद्धार के बाद तैयार किया गया है। आधुनिक तकनीक और संसाधनों से लैस यह संस्थान अब रेलवे प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है और नवाचार का प्रतीक माना जा रहा है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित संस्थान
संस्थान में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग सिस्टम और ब्रॉड गेज ट्रैक का कार्यात्मक मॉडल तैयार किया गया है, जिसमें पॉइंट्स और क्रॉसिंग्स भी शामिल हैं। इसके अलावा रेलवे बोगी का परिचालन मॉडल भी स्थापित किया गया है, जिससे कर्मचारियों को वास्तविक परिस्थितियों में प्रशिक्षण मिल सके।
इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, सिग्नल एंड टेलीकॉम तथा अकाउंट्स विभागों के लिए अलग-अलग मॉडल कक्ष बनाए गए हैं, जिससे प्रशिक्षण अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बन सके।
कंप्यूटर लैब और AI प्रशिक्षण
संस्थान में 100 सीटों वाला कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया है, जहाँ कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनकी दक्षता और बढ़ेगी।
XLRI के साथ सहयोग
जमशेदपुर के प्रतिष्ठित संस्थान XLRI के साथ रेलवे ने महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस पहल के तहत कर्मचारियों को मैनेजमेंट, AI, साइबर सिक्योरिटी और डेटा एनालिटिक्स जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह दक्षिण पूर्व रेलवे की पहली ऐसी पहल है, जिसमें XLRI की फैकल्टी प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
रेलवे प्रशिक्षण का विस्तार
महाप्रबंधक ने बताया कि भारतीय रेलवे कर्मचारियों को मल्टी-स्किल्ड बनाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसी उद्देश्य से चक्रधरपुर में यह संस्थान स्थापित किया गया है और ऐसे ही ट्रेनिंग सेंटर दक्षिण पूर्व रेलवे के सभी चार मंडलों—खड़गपुर, रांची, आद्रा और चक्रधरपुर—में विकसित किए जा रहे हैं।
टाटानगर स्टेशन का पुनर्विकास
Tatanagar Junction के पुनर्विकास का कार्य भी जारी है, जिसे पूरा होने में लगभग 2.5 साल लगेंगे। फिलहाल अतिक्रमण हटाने और यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम प्रगति पर है।
रेल नेटवर्क विस्तार और नई परियोजनाएं
रेलवे ने खड़गपुर–हावड़ा और खड़गपुर–झारसुगुड़ा के बीच चौथी लाइन सहित कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। गम्हरिया–चांडिल सेक्शन में तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण भी प्रस्तावित है। रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं, जबकि आदित्यपुर से खड़गपुर के बीच तीसरी लाइन का काम अंतिम चरण में है और मई तक पूरा होने की संभावना है।
ट्रेनों की देरी का कारण
रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेनों की लेट-लतीफी का मुख्य कारण ट्रैक पर बढ़ा हुआ दबाव है, क्योंकि मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें एक ही लाइन का उपयोग करती हैं। नई रेल लाइनों के निर्माण से इस समस्या में सुधार होने की उम्मीद है।



