
ANNI AMRITA

जमशेदपुर/आदित्यपुर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके सर्वांगीण कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक ‘फैकल्टी अपग्रेडेशन प्रोग्राम’ का आयोजन किया गया. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की विशेष पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान के शिक्षकों को आधुनिक और प्रभावी कौशल से लैस करना है.
भावनात्मक बुद्धिमत्ता और मेंटरिंग पर जोर
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) और प्रभावी मेंटरिंग कौशल से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया. कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इस बात को रेखांकित किया कि आज के तनावपूर्ण शैक्षणिक माहौल में शिक्षक केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक (मेंटर) की भूमिका में भी होने चाहिए.
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:
तनाव प्रबंधन: शिक्षकों को यह सिखाया गया कि वे विद्यार्थियों में तनाव, अवसाद या मानसिक दबाव के शुरुआती लक्षणों को कैसे पहचानें और उन्हें सही दिशा दें.
सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण: छात्रों के साथ एक मजबूत और संवेगात्मक जुड़ाव बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई, ताकि वे अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर सकें.
बेहतर शैक्षणिक माहौल: शिक्षा मंत्रालय के इस कदम का उद्देश्य कैंपस के भीतर एक ऐसा सकारात्मक माहौल तैयार करना है, जहां छात्र मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस करते हुए अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें.
कार्यक्रम का आयोजन प्रो.सरोज कुमार सारंगी और प्रोफेसर दिलीप कुमार यादव की अध्यक्षता में किया गया. कार्यक्रम के संयोजक डाॅ. कुमारी नम्रता और डाॅ. शक्तिवेल एस थे. कार्यक्रम समन्वयकों में डाॅ. विजय कुमार भल्ला, डाॅ कुनाल सिंह, डाॅ. संगीता कुमारी एवं डाॅ. पोलोमी माजी शामिल रहे. वहीं संस्थान के मनोविज्ञानिक अजिताभ गौतम एवं मनोवैज्ञानिक पुष्पा वाला महतो सह समन्वयक के रुप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम में उपनिदेशक प्रो आरवी शर्मा सहित संस्थान के सभी डीन, विभागाध्यक्ष और विभिन्न विभागों के शिक्षक उपस्थित थे. इस कार्यक्रम का आयोजन एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार के नेतृत्व में आयोजित हुआ.


