घाटशिला। सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला में दीपावली महोत्सव-2026 का आयोजन हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। दीपों की जगमगाहट, आकर्षक विद्युत सजावट, रंग-बिरंगे फूलों और विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने पूरे विश्वविद्यालय परिसर को उत्सवी रंग में रंग दिया। महोत्सव में विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ आकर्षक फूड स्टॉल लगाकर अपनी प्रतिभा, पाक-कौशल और उद्यमशीलता का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व बंगला विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंजना बनर्जी ने किया। वहीं, सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह के मार्गदर्शन एवं सहयोग से आयोजन का सफल संचालन किया गया। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यार्थियों के फूड स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
दीपावली महोत्सव में विद्यार्थियों की ओर से लगाए गए फूड स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। अलग-अलग समूहों में विद्यार्थियों ने स्वयं स्वादिष्ट व्यंजन तैयार कर आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किए।
स्टॉलों पर फालूदा, पकौड़ा, दही बड़ा, चिकन चिली, पिज्जा, बर्गर, पैनकेक विद चीज, मसाला कोल्ड ड्रिंक, गुपचुप, स्पाइरल पोटैटो, सैंडविच, ब्रेड पिज्जा, चीजी चिप्स और क्रिस्पी पोटैटो ब्रेड स्टिक्स सहित कई व्यंजन उपलब्ध थे।
इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को केवल अपनी पाक-कला दिखाने का अवसर नहीं मिला, बल्कि उत्पाद तैयार करने, कीमत निर्धारित करने, संसाधनों का प्रबंधन करने, ग्राहकों से संवाद और बिक्री का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ। इससे उनमें टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और उद्यमशील सोच को बढ़ावा मिला।
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कुलसचिव ने बताया ज्ञान और सकारात्मकता का पर्व
विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने अपने संदेश में कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और उत्सव मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि अज्ञानता पर ज्ञान, अंधकार पर प्रकाश और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में प्रेम, सहयोग, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव का विकास भी जरूरी है।
कुलपति ने सर्वांगीण विकास पर दिया जोर
कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक, सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। फूड स्टॉल जैसी गतिविधियां उन्हें नेतृत्व, टीम भावना, निर्णय लेने और व्यावहारिक प्रबंधन का अनुभव प्रदान करती हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने के लिए अकादमिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान एवं रचनात्मक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कुलाधिपति ने दिया एकता और भाईचारे का संदेश
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने अपने संदेश में कहा कि दीपावली का पर्व एकता, प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश देता है। दीपों का प्रकाश हमें जीवन से अज्ञानता, निराशा और नकारात्मकता दूर कर ज्ञान, आशा एवं सकारात्मकता फैलाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं का सम्मान करने, अपनी प्रतिभा को पहचानने तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का दिखा संगम
दीपावली महोत्सव-2026 ने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने के साथ-साथ रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल प्रदर्शित करने का मंच प्रदान किया। पूरे आयोजन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह, उमंग और आपसी सौहार्द का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय परिवार की ओर से सभी प्रतिभागियों, आयोजकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। महोत्सव ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य अकादमिक उपलब्धियों के साथ सांस्कृतिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना भी है।


