जमशेदपुर, 31 अक्टूबर 2026: कार्तिक मास में मनाए जाने वाले प्रमुख हिंदू पर्व-त्योहारों की तिथियों को लेकर शनिवार को धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। साकची स्वर्णरेखा नदी तट स्थित वेद अध्ययन अनुशीलन केंद्र में आयोजित बैठक में जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों से आए आचार्यों और पुरोहितों ने पंचांग के आधार पर पर्व-त्योहारों की तिथियों और शुभ मुहूर्त पर विचार-विमर्श किया।
बैठक की शुरुआत आचार्यों द्वारा सामूहिक स्वस्तिवाचन के साथ हुई। इसके बाद सर्वसम्मति से अहोई अष्टमी, धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ महापर्व और देव दीपावली सहित विभिन्न पर्वों की तिथियां घोषित की गईं।
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एक नवंबर को अहोई अष्टमी, खाता-बही खरीदने का शुभ मुहूर्त भी बताया
महासंघ के अनुसार, अहोई अष्टमी एक नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। बैठक में बताया गया कि अष्टमी तिथि एक नवंबर की शाम 7:15 बजे से दो नवंबर की शाम 5:06 बजे तक रहेगी।
आचार्यों ने पुष्य नक्षत्र के महत्व पर भी चर्चा की। महासंघ के अनुसार, एक नवंबर को पुष्य नक्षत्र होने के कारण खाता-बही और गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा खरीदना शुभ माना गया है।
महासंघ की ओर से खरीदारी के लिए निम्न शुभ चौघड़िया बताए गए हैं।
| चौघड़िया | शुभ समय |
|---|---|
| अमृत | सुबह 10:55 से दोपहर 12:25 बजे |
| शुभ | दोपहर 1:36 से 2:57 बजे |
| शुभ | शाम 5:39 से 7:18 बजे |
ये समय महासंघ की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार हैं। तिथि, नक्षत्र और चौघड़िया की स्वतंत्र पंचांग पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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छह नवंबर को धनतेरस, आठ नवंबर को दीपावली
धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ ने नवंबर महीने में मनाए जाने वाले प्रमुख पर्वों की तिथियां भी घोषित की हैं।
| तारीख | पर्व-त्योहार |
|---|---|
| 1 नवंबर, रविवार | अहोई अष्टमी |
| 6 नवंबर, शुक्रवार | धनतेरस |
| 7 नवंबर, शनिवार | छोटी दिवाली |
| 8 नवंबर, रविवार | दीपावली एवं काली पूजा |
| 9 नवंबर, सोमवार | सोमवती अमावस्या एवं पितृ अमावस्या |
| 10 नवंबर, मंगलवार | अन्नकूट एवं गोवर्धन पूजा |
| 11 नवंबर, बुधवार | भाई दूज एवं चित्रगुप्त पूजा |
| 13 नवंबर, शुक्रवार | छठ महापर्व का नहाय-खाय |
| 14 नवंबर, शनिवार | खरना |
| 15 नवंबर, रविवार | संध्याकालीन अर्घ्य |
| 16 नवंबर, सोमवार | प्रातःकालीन अर्घ्य |
| 20 नवंबर, शुक्रवार | एकादशी एवं तुलसी विवाह |
| 24 नवंबर, मंगलवार | देव दीपावली एवं पूर्णिमा |
यह सूची पुरोहित महासंघ की बैठक में घोषित तिथियों पर आधारित है। धार्मिक अनुष्ठान तय करने से पहले स्थानीय मान्य पंचांग से मिलान करना उचित होगा।
छठ महापर्व 13 नवंबर से, 15 को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य
महासंघ के अनुसार, चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ होगी। 14 नवंबर को खरना और 15 नवंबर को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे।
इसके बाद 16 नवंबर की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ छठ महापर्व संपन्न होगा।
दीपावली पर कम पटाखे जलाने की अपील
धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ के अध्यक्ष पंडित विपिन कुमार झा ने दीपावली को लेकर लोगों से विशेष अपील की।
उन्होंने कहा कि दीपावली प्रकाश और खुशियों का पर्व है। इसे उत्साहपूर्वक मनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने लोगों से प्रदूषण को देखते हुए पटाखों का कम उपयोग करने और सुरक्षित तरीके से फुलझड़ियों के साथ त्योहार मनाने की अपील की।
बैठक में कई विद्वान आचार्य रहे उपस्थित
बैठक में पंडित मुन्ना पांडे, पंडित सतेंद्र शास्त्री, पंडित गंगा ओझा, पंडित चंद्र मलेश्वर झा, पंडित आनंद पांडे, पंडित मनोहर मिश्र, पंडित आशुतोष चटर्जी, पंडित शंकर मिश्रा, पंडित शैलेश पांडे, पंडित संतोष पांडे, पंडित विशेश्वर पांडे, पंडित रणधीर मिश्रा, पंडित अजय तिवारी और पंडित चंद्रकांत सहित अन्य आचार्य उपस्थित थे।


