
जमशेदपुर,। बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा पूर्वी सिंहभूम के जिला प्रभारी एवं जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी और लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाते हुए घटना की कड़ी निंदा की है।
दिनेश कुमार ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें भी चोट लगी और उनके सिर से खून बहने लगा। उन्होंने जिला प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और पुलिस की भूमिका की समीक्षा करने की मांग की है।
11 छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए हो रहा था प्रदर्शन : दिनेश कुमार
दिनेश कुमार ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में 11 छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही थीं।उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम के इस्तीफे और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग उठाई जा रही थी।दिनेश कुमार का आरोप है कि महिला मोर्चा की कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही थीं, लेकिन इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पत्थरबाजी की और लाठी-डंडों से हमला किया।जेएनयू से जुड़े मामले में लगाए गए आरोपों को सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि भाजपा की ओर से उठाए गए आरोपों और मांगों के रूप में देखा जाना चाहिए।
मेरे सिर पर भी चोट लगी, माथा लहूलुहान हो गया : दिनेश कुमार
भाजपा नेता दिनेश कुमार ने दावा किया कि कांग्रेस कार्यालय के सामने हुई झड़प के दौरान वह स्वयं भी घायल हुए।उन्होंने कहा कि उनके सिर पर चोट लगी और माथे से खून बहने लगा।दिनेश कुमार ने आरोप लगाया कि महिला सम्मान और न्याय की मांग कर रही कार्यकर्ताओं के विरोध का जवाब हिंसा से दिया गया।उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल पूछना और न्याय की मांग करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। ऐसे में किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हिंसा होना गंभीर चिंता का विषय है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से पूछा- महिला सुरक्षा पर कांग्रेस कब देगी जवाब?
दिनेश कुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी सवाल किए।उन्होंने पूछा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामले पर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अपना स्पष्ट पक्ष कब रखेगा।भाजपा नेता ने कांग्रेस से संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।उन्होंने प्रियंका गांधी के चर्चित नारे ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का उल्लेख करते हुए कहा कि महिला सम्मान केवल राजनीतिक नारे तक सीमित नहीं रहना चाहिए।दिनेश कुमार ने कथित रूप से पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
पुलिस ने डबल बैरिकेडिंग क्यों नहीं की? प्रशासन पर भी उठाए सवाल
दिनेश कुमार ने झड़प के दौरान पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।उन्होंने पूछा कि प्रदर्शन की पूर्व जानकारी होने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध क्यों नहीं किए और दोहरी बैरिकेडिंग की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।उन्होंने मांग की कि पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित लापरवाही की भी जांच होनी चाहिए।भाजपा नेता ने कहा कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी सामने आती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग
दिनेश कुमार ने जिला प्रशासन से मांग की कि घटना से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए।उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद संबंधित लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।दिनेश कुमार ने कहा कि भाजपा महिला सम्मान, न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।उन्होंने कहा, “हम न डरेंगे, न झुकेंगे। महिला सम्मान और न्याय की आवाज पहले भी बुलंद थी, आज भी बुलंद है और आगे भी बुलंद रहेगी।”
तिलक पुस्तकालय झड़प पर दोनों दल आमने-सामने
गौरतलब है कि सोमवार को बिष्टुपुर स्थित तिलक पुस्तकालय के बाहर भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी।घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर मारपीट और पत्थरबाजी के आरोप लगाए हैं, जबकि भाजपा की ओर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

