
जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित तिलक पुस्तकालय के बाहर भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प को लेकर झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदर्शन भाजपा महिला मोर्चा का था, तो उसमें भाजपा के पुरुष नेताओं के शामिल होने की क्या आवश्यकता थी?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घटना में घायल कांग्रेस नेता मनोज उपाध्याय का कुशल-क्षेम जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर हिंसा में शामिल पाए जाने वाले लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की।
महिला मोर्चा का प्रदर्शन था तो पुरुष नेता क्यों पहुंचे : केशव महतो कमलेश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा द्वारा कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन किए जाने की जानकारी पहले से थी।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे में भाजपा के पुरुष नेताओं के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने का क्या औचित्य था?
कमलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना सभी राजनीतिक दलों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर मारपीट, लाठीबाजी और पत्थरबाजी जैसी घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं।
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कांग्रेस ने प्रदर्शनकारियों के स्वागत की तैयारी की थी
केशव महतो कमलेश ने दावा किया कि कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने आने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं का लोकतांत्रिक परंपरा के अनुरूप स्वागत करने की तैयारी की गई थी।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, ऐसी स्थिति में कथित हिंसा और अव्यवस्था उत्पन्न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने राजनीतिक विरोध को हिंसा में बदलने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की।
घायल मनोज उपाध्याय का जाना हाल, शीघ्र स्वस्थ होने की कामना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घटना में घायल कांग्रेस नेता मनोज उपाध्याय के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
कांग्रेस की ओर से पहले जारी बयान में दावा किया गया था कि झड़प के दौरान मनोज उपाध्याय के सिर पर पत्थर लगा था और उपचार के दौरान उन्हें तीन टांके लगाए गए थे।
कमलेश ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि राजनीतिक गतिविधियों के दौरान किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।
जमशेदपुर की शांति और भाईचारे को प्रभावित करना चिंताजनक
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जमशेदपुर अपनी शांति, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के लिए जाना जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान कुछ लोगों का कथित हिंसक व्यवहार शहर की शांति व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
कमलेश ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें कानून और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर ही व्यक्त किया जाना चाहिए।
निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों को गिरफ्तार करे प्रशासन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने जिला प्रशासन से मांग की कि तिलक पुस्तकालय के बाहर हुई झड़प के पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि लाठीबाजी, पत्थरबाजी और मारपीट के आरोपों की जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
कमलेश ने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दल या उसके कार्यकर्ताओं को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने महिलाओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी प्रशासन की बताई।
भाजपा-कांग्रेस के बीच बढ़ा राजनीतिक विवाद
गौरतलब है कि बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी।
घटना के बाद भाजपा और कांग्रेस, दोनों पक्षों की ओर से मारपीट और हिंसा के आरोप सामने आए हैं।

