जमशेदपुर: टाटानगर जंक्शन और चक्रधरपुर रेल मंडल से गुजरने वाली यात्री ट्रेनों की लगातार हो रही लेटलतीफी और जनता के भारी आक्रोश के बीच अब रेलवे प्रशासन ने अपना रुख साफ किया है। दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीसीएम (Sr. DCM) आदित्य चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए यात्रियों की समस्याओं का संज्ञान लिया और ट्रेनों के विलंब होने के असली कारण बताए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे इस गंभीर समस्या के स्थायी और त्वरित समाधान के लिए क्या कदम उठा रहा है।
रेलवे अधिकारियों को भी है यात्रियों के दर्द का अहसास
सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में स्वीकार किया कि ट्रेनों के विलंब से चलने के कारण आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “रेलवे प्रशासन यात्रियों की इस तकलीफ से पूरी तरह अवगत है। जब हमारे अधिकारी सफर करते हैं, तो वे भी इस लेटलतीफी को महसूस करते हैं। यात्रियों को समय पर उनके गंतव्य तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है और इस व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।”
लेटलतीफी की असली वजह: पटरियों पर ट्रैफिक का भारी दबाव
ट्रेनों के लेट होने का मुख्य कारण बताते हुए श्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान में इस रेल सेक्शन में गाड़ियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। हाल ही में 12 जोड़ी नई कोचिंग (यात्री) ट्रेनें शुरू की गई हैं, जिससे पटरियों पर दबाव काफी बढ़ गया है। एक ट्रेन के पीछे कई गाड़ियां कतार में खड़ी हो जाती हैं, जिससे ट्रैफिक कंट्रोलिंग में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं और गाड़ियां लेट हो रही हैं।
टाटानगर की बड़ी समस्या: प्लेटफार्मों की कमी, जल्द बनेंगी नई लाइनें
अधिकारियों ने माना कि टाटानगर स्टेशन पर एक बड़ी समस्या प्लेटफॉर्म्स की कमी है। आउटर पर ट्रेनें इसलिए खड़ी रहती हैं क्योंकि स्टेशन के प्लेटफॉर्म खाली नहीं होते। श्री चौधरी ने खुशखबरी देते हुए कहा कि टाटानगर स्टेशन पर ‘प्लेटफॉर्म की कमी’ को दूर करने के लिए नई लाइनों और नए प्लेटफॉर्म्स के निर्माण का प्रपोजल ‘एडवांस स्टेज’ (Advanced Stage) में है। इसके मंजूर होते ही एक साथ कई ट्रेनों को प्लेटफॉर्म पर लिया जा सकेगा।
5-6 स्टेशनों पर नई ‘लूप लाइन्स’ और DFC प्रोजेक्ट
इस समस्या के दीर्घकालिक और स्थायी समाधान पर बात करते हुए सीनियर डीसीएम ने कहा:
नई लूप लाइन्स: चक्रधरपुर मंडल के 5-6 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर नई ‘लूप लाइन्स’ (Loop Lines) का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इन लाइनों के बन जाने से धीमी मालगाड़ियों को किनारे कर पीछे से आ रही यात्री ट्रेनों को आसानी से पास कराया जा सकेगा।
DFC प्रोजेक्ट: डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) प्रोजेक्ट के तहत मालगाड़ियों के लिए एक बिल्कुल अलग लाइन बिछाई जाएगी। जब मालगाड़ियां अपनी अलग लाइन पर चलेंगी, तो मुख्य लाइन (Main Line) पूरी तरह से केवल यात्री ट्रेनों के लिए खाली रहेगी।
यात्रियों को तुरंत राहत के लिए रेलवे का ‘एक्शन प्लान’
यात्रियों को लेटलतीफी से तुरंत राहत कैसे मिलेगी, इस पर श्री चौधरी ने बताया कि रेलवे हर एक ट्रेन की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहा है। लेटलतीफी को तुरंत रोकने के लिए हर ट्रेन में DTI (डिविजनल ट्रैफिक इंस्पेक्टर) और LI (लोको इंस्पेक्टर) की ड्यूटी लगाई गई है। यहां तक कि रात के समय भी वरिष्ठ अधिकारियों को नाइट ड्यूटी (Night Manning) पर तैनात किया जा रहा है, ताकि ट्रेनों का संचालन ‘पंक्चुअल’ तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।




