
जमशेदपुर । पूर्वी सिंहभूम जिले में पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा नव निर्मित डीएम लाइब्रेरी को समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन की इस पहल के तहत पुस्तक दान अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई।


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उपायुक्त कार्यालय में हुआ शुभारंभ
इस अभियान का उद्घाटन उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने अपने कार्यालय परिसर में आयोजित पुस्तक दान कैम्प के माध्यम से किया। उद्घाटन अवसर पर उपायुक्त एवं उप नगर आयुक्त, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) द्वारा कुल 25 पुस्तकों का दान किया गया।उपायुक्त ने जिले के नागरिकों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं पुस्तक प्रेमियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
“पुस्तकें समाज के बौद्धिक विकास की आधारशिला”
इस अवसर पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि समाज के बौद्धिक विकास की मजबूत आधारशिला होती हैं। डीएम लाइब्रेरी को एक सशक्त ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए नागरिकों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
दानदाताओं को मिलेगा सम्मान
प्रशासन की ओर से पुस्तक दाताओं के योगदान के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
👉 सभी पुस्तक दाताओं के नाम डीएम लाइब्रेरी परिसर में स्थापित सम्मान पट्टिका (Library Plaque) पर अंकित किए जाएंगे।
👉 विशेष योगदान देने वाले दाताओं के सम्मान में पुस्तकालय के चयनित कक्षों एवं पुस्तकों की अलमारियों का नामकरण भी किया जाएगा।
निःशुल्क लाइब्रेरी सदस्यता का प्रावधान
पुस्तक दान अभियान के अंतर्गत—
10 या उससे अधिक पुस्तकें दान करने पर एक वर्ष की निःशुल्क लाइब्रेरी सदस्यता
100 या उससे अधिक पुस्तकें दान करने पर आजीवन निःशुल्क लाइब्रेरी सदस्यता प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही इच्छुक दाताओं को भविष्य में पुस्तकालय से जुड़े संवाद, शैक्षणिक गतिविधियों एवं साहित्यिक उत्सवों में सक्रिय सहभागिता का अवसर भी मिलेगा।
शिक्षा और साक्षरता को मिलेगा बल
यह जनोपयोगी अभियान पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन के पूर्ण समर्थन एवं प्रोत्साहन से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जिले में शिक्षा, साक्षरता और सशक्त पठन संस्कृति को बढ़ावा देना है, ताकि डीएम लाइब्रेरी विद्यार्थियों, युवाओं एवं आम नागरिकों के लिए एक सशक्त ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित हो सके।



