
जमशेदपुर।

शनिवार को धर्मरक्षिणी पौरोहित्य महासंघ द्वारा संचालित वेदाध्ययन अनुशीलन केंद्र, साकची में त्रयोदश स्थापना दिवस बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों से आए आचार्यगणों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरयु राय एवं विशिष्ट अतिथि जैप डीएसपी अरुणा मिश्रा रहीं। महासंघ के अध्यक्ष पं. बिपिन कुमार झा एवं सचिव उमेश कुमार तिवारी ने संयुक्त रूप से साल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का सम्मान किया।
दीप प्रज्वलन व वैदिक वातावरण
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि सहित महासंघ के अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष सम्मिलित हुए। इसके पश्चात उपस्थित आचार्यगणों द्वारा सामूहिक स्वस्तिवाचन किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। शुभम पाठक ने वैदिक ऋचाओं का सस्वर पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
विशिष्ट सम्मान समारोह
मिथिला सांस्कृतिक परिषद के सचिव धर्मेश कुमार झा को महासंघ के कोषाध्यक्ष पं. सुधीर कुमार झा द्वारा अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। वहीं जदयू नेता मुकुल मिश्रा, समाजसेवी सौरभ विष्णु, डी.डी. त्रिपाठी, अप्पू तिवारी, विष्णु भगवान पाठक, मुन्ना चौबे एवं शिशिर कुमार झा को महासंघ के उपाध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय, आनंद पाण्डेय, परशुराम पाण्डेय एवं मणिकांत झा ने सम्मानित किया।
अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि का संबोधन
महासंघ के अध्यक्ष पं. विपिन कुमार झा ने अपने संबोधन में कहा कि वेदाध्ययन में रुचि रखने वाले लोग संस्कृति एवं संस्कृत के संवर्धन के माध्यम से समाज, राज्य एवं राष्ट्र के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने मुख्य अतिथि से वेदाध्ययन अनुशीलन के संवर्धन हेतु सहयोग का आग्रह किया।
मुख्य अतिथि सरयु राय ने कहा कि धर्मरक्षिणी पौरोहित्य महासंघ की यह पहल समाज के लिए अत्यंत कल्याणकारी है और सनातन धर्म को जागृत करने की दिशा में सराहनीय प्रयास है। उन्होंने वेदाध्ययन केंद्र को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में मुन्ना पाण्डेय, दिलीप कुमार पाण्डेय, विकास मिश्रा, चंद्रभान पांडेय, संतोष पाण्डेय, विश्वेश्वर पाण्डेय सहित अनेक आचार्यगण उपस्थित रहे।



