
जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) अस्पताल में पेयजल संकट को लेकर जिला प्रशासन बेहद गंभीर हो गया है। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने एमजीएम अस्पताल की पेयजलापूर्ति व्यवस्था की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर में इलाज कराने आ रहे मरीजों और उनके परिजनों को पानी के लिए किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसे जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया गया है।
भीषण गर्मी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: उपायुक्त
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उपायुक्त राजीव रंजन ने कड़े शब्दों में कहा कि इस भीषण गर्मी के दौरान अस्पताल जैसे अति-महत्वपूर्ण और संवेदनशील संस्थान में पेयजल की कमी होना एक गंभीर विषय है। जनहित और स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल के हर कोने में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही।
वैकल्पिक व्यवस्था: प्रतिदिन 15 टैंकर से होगी जलापूर्ति
अस्पताल में तात्कालिक राहत पहुंचाने के लिए उपायुक्त ने जेएनएसी (JNAC) के उप नगर आयुक्त को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्रतिदिन कम से कम 15 वाटर टैंकरों के माध्यम से अस्पताल में जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
अस्पताल के सभी वार्डों, ओपीडी (OPD) और इमरजेंसी में पानी पहुंचे।
शौचालयों और अन्य आवश्यक स्थानों पर नियमित रूप से स्वच्छ जल उपलब्ध रहे।
पानी की इस पूरी सप्लाई चेन की अधिकारियों द्वारा सतत मॉनिटरिंग की जाए।
सुस्त रफ्तार पर नाराजगी, कार्य एजेंसी पर FIR की चेतावनी
एमजीएम अस्पताल में पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। समीक्षा के दौरान जब उपायुक्त को पता चला कि कार्य की गति धीमी है और यह निर्धारित समय पर पूरा नहीं हुआ, तो उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने जेएनएसी के उप नगर आयुक्त को सीधे तौर पर निर्देशित किया कि आगामी 15 जून तक हर हाल में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए। यदि इस तय समय सीमा के भीतर काम पूरा नहीं होता है, तो संबंधित कार्यदायी एजेंसी के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए। उन्होंने साफ कहा कि जनहित के कार्यों में शिथिलता बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, एसडीएम धालभूम, निदेशक एनईपी, एमजीएम के प्राचार्य, एमजीएम उपाधीक्षक, सहायक नगर आयुक्त (मानगो नगर निगम), संबंधित विभागों के अभियंता और कार्यदायी एजेंसी के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे।


