
जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर आज पूरी तरह से भक्ति और उत्साह के रंग में डूब गई। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर डिमना से सुभाष मैदान तक निकाली गई विशाल हिंदू नववर्ष यात्रा ने नया इतिहास रच दिया। संस्थापक मृत्युंजय जी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में हजारों की संख्या में सनातनी शामिल हुए।
तात्या तोपे के वंशज बने मुख्य आकर्षण
इस वर्ष की यात्रा का सबसे विशेष आकर्षण महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय तात्या तोपे जी के नाती श्री विनायक राव तोपे जी रहे। कानपुर के बिठूर से आए विनायक राव तोपे का स्वागत संरक्षक रामबाबू तिवारी ने भगवा अंगवस्त्र ओढ़ाकर किया। विनायक राव तोपे ने कहा, “यह यात्रा आने वाली पीढ़ी के लिए मील का पत्थर साबित होगी।” मानगो चौक पर उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी और युवाओं ने उनके साथ सेल्फी लेकर गौरव महसूस किया।
संस्थापक मृत्युंजय जी का संदेश
यात्रा के संस्थापक श्री मृत्युंजय जी ने बताया कि इस वर्ष की यात्रा प्रभु श्री राम लला के चरणों में समर्पित है, जो 523 साल बाद अपने भव्य मंदिर में विराजे हैं। उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही वह दिन है जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी और सम्राट विक्रमादित्य ने अपना राज्य स्थापित किया था। उन्होंने समस्त कोल्हान वासियों से अपने घरों पर भगवा ध्वज फहराने की अपील की।
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सियासी दिग्गजों की मौजूदगी
यात्रा में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता भी शामिल हुए। उन्होंने मृत्युंजय जी और रामबाबू तिवारी की टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी यात्राएं युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धर्म से जोड़ने का काम करती हैं। वहीं, यात्रा के अध्यक्ष सर्वजीत तिवारी और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने भी युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
मानवता की मिसाल: भीड़ में एम्बुलेंस को दिया रास्ता
यात्रा के दौरान एक सराहनीय दृश्य तब देखने को मिला जब मून सिटी युवराज एंक्लेव के पास भारी भीड़ के बावजूद संस्थापक मृत्युंजय जी ने खुद सक्रिय होकर एम्बुलेंस को रास्ता दिलवाया। उनके इस संवेदनशील कदम की स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर जमकर प्रशंसा हो रही है।




