
जमशेदपुर.
जमशेदपुर के कैफे रीगल में रविवार को सोहराई कला पर आधारित दूसरी विशेष कार्यशाला (वर्कशॉप) का सफल आयोजन किया गया. इस तीन घंटे के सत्र में विभिन्न पेशों से जुड़े 25 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.
प्रमुख बातें और आयोजनकर्ता
सहयोग: इस कार्यशाला का आयोजन इंजीनियर और कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर अमरनाथ योगी ने विजुअल आर्टिस्ट अर्नब कुमार कोले, ‘पीपल ऑफ जमशेदपुर’ और ‘द हाइप एंटरटेनमेंट (THE)’ के सहयोग से किया.
विविध भागीदारी: इस सत्र में डॉक्टर, कलाकार, छात्र, कामकाजी पेशेवर और आदिवासी समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
प्रशिक्षण: सत्र का नेतृत्व जाने-माने विजुअल आर्टिस्ट अर्नब कुमार कोले ने किया, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी सोहराई कला का प्रतिनिधित्व किया है.
कार्यशाला के मुख्य आकर्षण
सांस्कृतिक परिचय: प्रतिभागियों को सोहराई कला के इतिहास, सांस्कृतिक महत्व, पारंपरिक प्रतीकों और इसके पीछे की लोक कथाओं की विस्तृत जानकारी दी गई.
हैंड्स-ऑन अनुभव: प्रतिभागियों ने पारंपरिक प्राकृतिक रंगों और तकनीकों को करीब से देखा और खुद अपने हाथों से 25 सोहराई कलाकृतियां तैयार कीं.
GI टैग का महत्व: सत्र के दौरान झारखंड की इस पारंपरिक पेंटिंग को मिले जीआई (Geographical Indication) टैग और इसके क्षेत्रीय महत्व पर भी चर्चा की गई.
आयोजकों का उद्देश्य
आयोजक अमरनाथ योगी ने बताया कि युवाओं में इस कला के प्रति गजब का उत्साह देखने को मिला. भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के जरिए युवा पीढ़ी को झारखंड की समृद्ध संस्कृति और स्वदेशी विरासत से जोड़ने का प्रयास जारी रहेगा. अंत में सभी प्रतिभागियों को उनकी कलाकृतियों के साथ सहभागिता प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) भी प्रदान किए गए.


