जमशेदपुर: चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर टुइलाडुंगरी स्थित शीतला माता मंदिर टुइलाडुंगरी में चल रहे ज्वारा महोत्सव में भक्ति और सांस्कृतिक रंगों की अनोखी छटा देखने को मिल रही है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ से आई जश गायन मंडली ने अपने भजनों और पारंपरिक जश गीतों से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया है।
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छत्तीसगढ़ से आई विशेष मंडली
जय मां कालिका सेवा भजन मंडली, ग्राम सुखरी (राजनांदगांव) से पधारी यह जश गायन मंडली अपनी प्रस्तुति से श्रद्धालुओं का मन मोह रही है। मंडली का नेतृत्व मुख्य गायक बनवारी यादव कर रहे हैं, जबकि हरी राम कोरस में साथ दे रहे हैं।
भक्ति संगीत से गूंज रहा मंदिर परिसर
मंडली में कमल यादव (नाल), राहुल यादव (पैड), डिगेश्वर साहू (तबला), विजय यादव (बैंजो), उमेन्द्र यादव (शहनाई ऑर्गन) और पन्ना निषाद सहयोगी गायक के रूप में अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। वहीं दुर्गा साहू गायिका एवं कोरस के रूप में भक्ति संगीत में चार चांद लगा रही हैं। उनके जश गीतों और देवी भजनों से मंदिर परिसर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
जश गीतों की विशेष परंपरा
छत्तीसगढ़ समाज द्वारा आयोजित इस ज्वारा महोत्सव की एक खास परंपरा है कि नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में हर दिन संध्या आरती के बाद जश गीत और देवता पार गीत गाए जाते हैं। मान्यता है कि इन भजनों से माता प्रसन्न होती हैं और जिन परिवारों में देवी का वास होता है, वहां के लोग विशेष भक्ति भाव में लीन हो जाते हैं।
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हर साल रहती है खास आकर्षण
टुइलाडुंगरी में हर वर्ष छत्तीसगढ़ से जश गायन मंडली को आमंत्रित किया जाता है। उनके आगमन से न सिर्फ धार्मिक माहौल गहरा होता है, बल्कि स्थानीय लोगों में भी उत्साह और आनंद का संचार होता है।
आज होगा हवन और विशेष दर्शन
महोत्सव के तहत शुक्रवार को दोपहर 3 बजे से हवन का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद महिलाओं के लिए माता का पट दर्शन खोला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।




