
जमशेदपुर।
“थैलेसीमिया मुक्त समाज का निर्माण, एक स्वस्थ भविष्य की ओर कदम”—इसी संकल्प के साथ पूर्वी सिंहभूम जिले में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। डॉ साहिर पाल, सिविल सर्जन, पूर्वी सिंहभूम ने कहा कि थैलेसीमिया जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के उन्मूलन के लिए समय पर जांच और सही उपचार बेहद आवश्यक है।


10 जनवरी को निःशुल्क जांच एवं परामर्श शिविर
दिनांक 10 जनवरी 2026 को सदर अस्पताल खासमहल, पूर्वी सिंहभूम में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तत्वावधान में थैलेसीमिया एवं सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए निःशुल्क जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
इस शिविर का आयोजन नारायणा हॉस्पिटल एवं ब्रह्मानंद नारायणा हॉस्पिटल के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।
HLA टेस्ट की निःशुल्क सुविधा
इस शिविर में 12 वर्ष से कम आयु के थैलेसीमिया एवं सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित बच्चों, उनके भाई-बहन एवं माता-पिता का निःशुल्क HLA (Human Leukocyte Antigen) टेस्ट किया जाएगा।
यह जांच बोन मैरो ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है।
योग्य बच्चों का होगा निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट
जांच के उपरांत जो बच्चे बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए योग्य पाए जाएंगे, उनका इलाज नारायणा हेल्थ, झारखंड सरकार एवं अन्य सहयोगी संस्थानों के सहयोग से पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए जीवनदायी साबित हो सकती है।
थैलेसीमिया क्या है?
सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने बताया कि थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो माता-पिता से बच्चों में आता है। इसमें शरीर सामान्य से कम हीमोग्लोबिन बनाता है, जिससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। परिणामस्वरूप बच्चों में कमजोरी, सांस लेने में परेशानी होती है और उन्हें बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।
बोन मैरो ट्रांसप्लांट ही स्थायी इलाज
पूर्वी सिंहभूम सदर अस्पताल के उपाधीक्षक सह शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ कमलेश कुमार प्रसाद ने बताया कि थैलेसीमिया का स्थायी इलाज बोन मैरो ट्रांसप्लांट है। इस दिशा में जिला प्रशासन और नारायणा हेल्थ द्वारा किया जा रहा यह निःशुल्क HLA शिविर अत्यंत सराहनीय कदम है।
विशेषज्ञ डॉक्टर रहेंगे मौजूद
शिविर में नारायणा हेल्थ, कोलकाता के वरिष्ठ रक्त रोग विशेषज्ञ (हेमाटोलॉजिस्ट) डॉ शिशिर कुमार पात्रा अपनी टीम के साथ
सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक उपलब्ध रहेंगे।
अभिभावकों से विशेष अपील
सभी अभिभावकों, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम एवं आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि आपके या आसपास थैलेसीमिया या सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित बच्चे हों, तो उन्हें उनके भाई-बहन एवं माता-पिता के साथ इस शिविर में अवश्य लेकर आएं और इस जीवनरक्षक सुविधा का लाभ उठाएं।


