
जमशेदपुर: तीरंदाजी (Archery) के क्षेत्र में खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से ईस्ट सिंहभूम आर्चरी एसोसिएशन (ESAA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार (12 जुलाई 2026) को एसोसिएशन द्वारा नए स्पोर्ट्स एक्ट 2025 (New Sports Act 2025) के अनुरूप अपनी कार्यकारिणी (Executive Committee) और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले में तीरंदाजी खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

अंतरराष्ट्रीय कोच की अध्यक्षता में हुआ मंथन
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता ईस्ट सिंहभूम आर्चरी एसोसिएशन के सचिव और प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कोच हरेंद्र कुमार सिंह ने की। बैठक में तीरंदाजी जगत के कई दिग्गज और विशेषज्ञ शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से कोषाध्यक्ष रवि राज शर्मा, अंतरराष्ट्रीय कोच बी. एस. राव, एटीसी सदस्य रजत कुमार के साथ-साथ जिले के विभिन्न खेल क्लबों, इकाइयों और विद्यालयों के प्रमुख कोच उपस्थित रहे। बैठक में सुसांतो पात्रो, गोपाल सिंह, जीतन महतो, तिलक महतो, रामू लागुरी, रंजीत गोप, अनुपम सिंह और अनुराग महतो जैसे अनुभवी प्रशिक्षकों ने हिस्सा लिया और अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
नए स्पोर्ट्स एक्ट 2025 पर विशेष फोकस
बैठक का मुख्य एजेंडा नए स्पोर्ट्स एक्ट 2025 के विभिन्न प्रावधानों को लागू करना था। उपस्थित सदस्यों ने इस बात पर गहन विचार-विमर्श किया कि एसोसिएशन की कार्यप्रणाली को किस प्रकार अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और लोकतांत्रिक बनाया जाए। खेल और खिलाड़ियों के हित को सर्वोपरि रखते हुए यह तय किया गया कि नए नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा ताकि किसी भी स्तर पर पक्षपात की गुंजाइश न रहे और योग्य खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का उचित मंच मिल सके।
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प्रतिभा खोज और नियमित प्रशिक्षण शिविरों की योजना
भविष्य में तीरंदाजी खेल के सर्वांगीण विकास के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। इसके तहत जिले में उभरते खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचान (Talent Identification), नियमित रूप से उच्च स्तरीय प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन, तकनीकी अधिकारियों व कोचों के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम और जिला व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के सफल संचालन की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आर्चरी के विकास के लिए जिले के सभी क्लब, यूनिट, विद्यालय और प्रशिक्षक आपसी समन्वय (Coordination) के साथ एक टीम की तरह कार्य करेंगे। इससे ज्यादा से ज्यादा नवोदित खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर प्राप्त हो सकेगा।


