
जमशेदपुर। कोल्हान के ग्रामीण इलाकों में कृषि, स्वरोजगार और वित्तीय समावेशन को नई रफ्तार देने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) राजीव रंजन की अध्यक्षता में बैंकों की जिला परामर्शदात्री समिति (DCC) और जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान डीसी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि बैंकिंग सुविधाओं से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं का तुरंत विस्तार किया जाए।

खरीफ मौसम में लगेंगे व्यापक ‘किसान ऋण कार्ड’ शिविर
बैठक में कृषि क्षेत्र में लोन के प्रवाह को बढ़ाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया। उपायुक्त राजीव रंजन ने सभी बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी खरीफ मौसम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों में बड़े पैमाने पर ‘किसान ऋण कार्ड (KCC) शिविर’ आयोजित किए जाएं। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि वास्तविक और पात्र किसानों को समय पर खेती के लिए पूंजी मिल सके और उन्हें साहूकारों के चक्कर न काटने पड़ें।
सरकारी योजनाओं के लंबित लोन आवेदन तुरंत निपटाएं
समीक्षा के दौरान जिले के ‘ऋण-जमा अनुपात’ (CD Ratio), वार्षिक ऋण योजना की उपलब्धियों और लंबित पड़े लोन प्रकरणों का कड़ाई से आकलन किया गया। डीसी ने प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में ऋण वितरण तेज करने को कहा। उन्होंने हिदायत दी कि पीएम सूर्य घर योजना, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत आए आवेदनों को बेवजह अटकाया न जाए, बल्कि समयबद्ध तरीके से लाभुकों के खाते में राशि ट्रांसफर की जाए।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय हुए नए लक्ष्य
बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) नागेन्द्र पासवान, आरबीआई रांची के प्रबंधक शोहम शोम, नाबार्ड की डीपीएम जस्मिका बास्के और अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) संजीव कुमार चौधरी मौजूद रहे। एलडीएम संजीव कुमार चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक ऋण योजना के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं का खाका पेश किया। अधिकारियों ने डिजिटल वित्तीय जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक ले जाने और बैंकिंग प्रक्रियाओं को आम जनता के लिए और सरल बनाने पर अपने विचार साझा किए।
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नाबार्ड की ‘संभावित ऋण योजना’ पर हुआ मंथन
बैठक के अंतिम चरण में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) द्वारा तैयार की जाने वाली ‘संभावित ऋण योजना’ (PLP) के प्रारंभिक ड्राफ्ट पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने सभी सरकारी विभागों के प्रमुखों और बैंकर्स को आपसी तालमेल सुधारने की नसीहत दी, ताकि जिले के समग्र आर्थिक विकास, कृषि उन्नयन और स्वरोजगार के नए अवसरों को धरातल पर मजबूती से उतारा जा सके।



