
जमशेदपुर: जुगसलाई स्थित प्रसिद्ध गणगौर स्वीट्स में हुई आग लगने की घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस अग्निकांड पर गहरा अफसोस जताते हुए जमशेदपुर थोक वस्त्र विक्रेता संघ के अध्यक्ष और जुगसलाई नगर परिषद के पार्षद अनिल मोदी ने क्षेत्र में तत्काल एक अत्याधुनिक फायर ब्रिगेड स्टेशन स्थापित करने की पुरजोर मांग की है।

घनी आबादी और संकरी गलियों में आग बुझाना बड़ी चुनौती
अनिल मोदी ने स्पष्ट किया कि जुगसलाई एक अत्यंत व्यस्त और घनी आबादी वाला बड़ा व्यावसायिक केंद्र है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग खरीदारी और व्यापारिक कार्यों के लिए आते हैं। बाजार की संकरी गलियों और अत्यधिक भीड़भाड़ के कारण किसी भी आपातकालीन स्थिति या आगजनी के दौरान राहत और बचाव कार्य समय पर शुरू करना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसी स्थिति में जान-माल का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
दूर से आती है दमकल, हो चुका है करोड़ों का नुकसान
वर्तमान में जुगसलाई क्षेत्र के लिए अपना कोई स्थायी फायर ब्रिगेड स्टेशन नहीं है। इस वजह से दमकल वाहनों को शहर के दूसरे हिस्सों (गोलमुरी या बिष्टुपुर) से आना पड़ता है। ट्रैफिक और दूरी के कारण बहुमूल्य समय नष्ट होता है। अनिल मोदी ने बताया कि आपातकाल में कुछ मिनटों की देरी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। पूर्व में भी दमकल के देर से पहुंचने के कारण आग ने विकराल रूप लिया है और कई भुक्तभोगियों को करोड़ों रुपये की संपत्ति का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
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अग्नि सुरक्षा जांच और व्यापारियों के लिए हो प्रशिक्षण
जिला प्रशासन और राज्य सरकार से अविलंब कार्रवाई की मांग करते हुए पार्षद ने कहा कि जुगसलाई की बढ़ती जनसंख्या, बाजार की संवेदनशीलता और लगातार बढ़ रही व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए यहां जल्द से जल्द एक आधुनिक फायर स्टेशन स्थापित किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही, बाजार क्षेत्रों में नियमित रूप से अग्नि सुरक्षा जांच (Fire Safety Audit) सुनिश्चित करने की मांग की गई है। व्यापारियों और दुकानदारों को आग से बचाव के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाकर फायर सेफ्टी प्रशिक्षण (Fire Safety Training) भी दिया जाना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके और करोड़ों का नुकसान बचाया जा सके।


