
जमशेदपुर।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की परिकल्पना के तहत एक भव्य 5 दिवसीय फैकल्टी उन्नयन (फैकल्टी डेवलपमेंट) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस खास पहल का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा में शिक्षकों की क्षमता बढ़ाना और कैंपस में एक मजबूत व छात्र-केंद्रित शैक्षणिक माहौल तैयार करना था। पूरे कार्यक्रम का आयोजन निदेशक गौतम सूत्रधार के दूरदर्शी नेतृत्व में किया गया।

मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक बुद्धिमत्ता पर विशेष जोर
26 मई 2026 को इस कार्यक्रम का शानदार आगाज हुआ। पहले दिन संकाय सदस्यों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक बुद्धिमत्ता पर एक अहम सत्र रखा गया। डीन फैकल्टी वेलफेयर और डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सत्र में विशेषज्ञ सागरिका मिश्रा ने शिक्षकों के मानसिक कल्याण और कैंपस में सहयोगात्मक माहौल बनाने के अहम टिप्स साझा किए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाते ही नहीं, बल्कि छात्रों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत के रूप में स्वस्थ समाज का निर्माण करते हैं।
छात्र मार्गदर्शन और परिणाम-आधारित शिक्षा (OBE)
कार्यक्रम के अगले चरण में 4 जून को आधुनिक शिक्षण विधियों पर गहरी चर्चा हुई। विशेषज्ञ विषाणु सुरेश ने ‘मेंटरिंग स्किल्स’ पर बात करते हुए छात्रों की भावनात्मक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को समय रहते पहचानने पर जोर दिया। इसके बाद एन. टी. रूपा ने आउटकम-बेस्ड एजुकेशन (OBE) और एक्टिव पेडागॉजी पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि कैसे शिक्षार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण और लगातार मूल्यांकन से छात्रों के सीखने के परिणामों को और भी बेहतर बनाया जा सकता है।
कैंपस का सकारात्मक माहौल और AI आधारित डिजिटल शिक्षण
11 जून को आयोजित सत्र पूरी तरह से आधुनिक तकनीक और संस्थागत संस्कृति के नाम रहा। सोनल बावडेकर ने सकारात्मक परिसर वातावरण बनाने की रणनीतियां बताईं, जो विविधता, सुरक्षा और मानसिक शांति को बढ़ावा देती हैं। वहीं, कल्याणी गोखले ने डिजिटल पेडागॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के शिक्षण में इस्तेमाल पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। उन्होंने AI टूल्स, डिजिटल मूल्यांकन और उच्च शिक्षा में तकनीक के नैतिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।
ई-लर्निंग और शोध पर्यवेक्षण से निखरेगी शिक्षा
19 जून को कार्यक्रम के अंतिम चरण में कल्याणी गोखले ने AI-आधारित ई-लर्निंग, स्टडी मटेरियल बनाने और डिजिटल कक्षा प्रबंधन के व्यावहारिक फायदे गिनाए। इसके अलावा, अभिजीत सिंह ने रिसर्च और शोध पर्यवेक्षण पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पीएचडी और स्नातकोत्तर छात्रों को सही दिशा में गाइड करने, शोध नैतिकता और वैज्ञानिक प्रकाशन की बारीकियों से शिक्षकों को अवगत कराया। यह 5 दिवसीय कार्यक्रम NIT जमशेदपुर के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



