जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में वृद्धावस्था और विधवा पेंशन का भुगतान कई महीनों से लंबित है। जिले के करीब 12 हजार पेंशनधारियों को अब तक राशि नहीं मिल पाई है। इस मुद्दे को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के केंद्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने मंगलवार को उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात की। उन्होंने पेंशन भुगतान में देरी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़ी पेयजल योजनाओं का मामला भी उठाया।
मंईयां सम्मान योजना के कारण पेंशन रुकने की बात निराधार
मुलाकात के दौरान कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि जिले में यह प्रचार किया जा रहा है कि राज्य सरकार की मंईयां सम्मान योजना के कारण सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान प्रभावित हुआ है। उन्होंने इस दावे को निराधार बताते हुए प्रशासन से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया।
इस पर उपायुक्त ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े अधिकारियों से जानकारी मांगी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के स्तर पर पेंशन की कोई राशि लंबित नहीं है। इन योजनाओं में केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी होती है। जिले की ओर से केंद्रांश के भुगतान के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर 5 अक्टूबर को ही प्रस्ताव भेज दिया गया था, लेकिन अब तक केंद्र सरकार से राशि प्राप्त नहीं हुई है।
SNA SPARSH प्रणाली में मंजूरी नहीं मिलने से भुगतान प्रभावित
अधिकारियों के अनुसार, केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि के हस्तांतरण और भुगतान के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की SNA SPARSH डिजिटल प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल इस प्रणाली के तहत निकासी की मंजूरी नहीं मिलने के कारण पेंशन भुगतान प्रभावित है।
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पूर्वी सिंहभूम जिले में लगभग 12 हजार पेंशनधारियों को राशि का इंतजार है। इस मामले में केंद्र सरकार के स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि केंद्रांश की राशि मिलते ही पात्र लाभुकों के बैंक खातों में लंबित पेंशन का भुगतान कर दिया जाएगा।
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खराब सौर पेयजल योजनाओं की मरम्मत की मांग
कुणाल षाड़ंगी ने चाकुलिया, घाटशिला और डुमरिया समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों में खराब पड़ी सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बंद पड़ी योजनाओं की जल्द मरम्मत जरूरी है। साथ ही नई पेयजल योजनाओं की स्वीकृति और उनके क्रियान्वयन में भी तेजी लाई जानी चाहिए।
उपायुक्त राजीव रंजन ने पेयजल योजनाओं की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
फिलहाल पेंशनधारियों को केंद्रांश की राशि जारी होने का इंतजार है। भुगतान में देरी से प्रभावित करीब 12 हजार लाभुकों के लिए अब प्रशासन और केंद्र सरकार के बीच आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

