
जमशेदपुर। संपूर्ण भोजपुरी विकास मंच एवं सिंहभूम जिला भोजपुरी साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में गोलमुरी स्थित भोजपुरी भवन में भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने की मांग को लेकर सेमिनार, सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता के संघर्ष, दिशा व दशा” था।
कार्यक्रम में शहर के साहित्यकारों, कवियों, आंदोलनकारियों और बड़ी संख्या में भोजपुरी समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए एकजुट होकर आंदोलन को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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शिव शंकर सिंह को समाज सेवा भूषण सम्मान
कार्यक्रम में समाजसेवी शिव शंकर सिंह को “समाज सेवा भूषण सम्मान” से सम्मानित किया गया। वहीं मजदूर नेता रघुनाथ पांडे को “भोजपुरी रत्न सम्मान” प्रदान किया गया।
सम्मान के बाद रघुनाथ पांडे ने कहा कि भोजपुरी भाषा के लिए बड़े आंदोलन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषी समाज को एकजुट होकर संवैधानिक मान्यता की मांग को लेकर संघर्ष करना होगा।
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भोजपुरी की वैश्विक पहचान, फिर भी मान्यता का इंतजार
सम्मानित अतिथि शिव शंकर सिंह ने कहा कि भोजपुरी समाज काफी समृद्ध और व्यापक है। भोजपुरी भाषा की गूंज भारत के अलावा कई देशों में सुनाई देती है, लेकिन जिस क्षेत्र से इस भाषा का उद्भव हुआ, वहीं इसे अब तक अपेक्षित मान्यता नहीं मिल सकी है।
उन्होंने कहा कि भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए लंबी लड़ाई की जरूरत है और वे इस आंदोलन में तन, मन और धन से सहयोग करेंगे।
जीवनभर भोजपुरी के लिए संघर्ष का संकल्प
अध्यक्षीय भाषण में सिंहभूम जिला भोजपुरी साहित्य परिषद के अध्यक्ष अरविंद विद्रोही ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन भोजपुरी भाषा के लिए संघर्ष में लगाया है। उन्होंने कहा कि जब तक जीवन है और शरीर में खून का एक कतरा भी है, तब तक भोजपुरी भाषा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम को संपूर्ण भोजपुरी विकास मंच के महामंत्री प्रदीप सिंह भोजपुरिया, भोजपुरी नवचेतना मंच के अध्यक्ष अप्पू तिवारी, डॉ. अजय किशोर चौबे, उदय प्रताप हयात और जगदीश मिश्रा ने भी संबोधित किया।
साहित्यिक और सामाजिक लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम का संयोजन प्रदीप सिंह भोजपुरिया ने किया, जबकि अध्यक्षता अरविंद विद्रोही ने की। संचालन डॉ. संध्या सिन्हा, स्वागत भाषण शशि भूषण मिश्रा और धन्यवाद ज्ञापन मसूद खान ने किया।
इस अवसर पर टीएसपीडीएल यूनियन के महामंत्री त्रिदेव सिंह, कंचन डे, डॉ. एसके तिवारी, राजेश पांडे, रंजन दुबे, संजय पाठक सनेही, उमेश सिंह, एसडी पांडे, संदेश पांडे, रमेश हंसमुख, राम सूरत यादव सहित बड़ी संख्या में भोजपुरी भाषी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए चल रहे प्रयासों को और मजबूत करने तथा भोजपुरी समाज में व्यापक एकजुटता कायम करने की आवश्यकता पर बल दिया।


