
जमशेदपुर।


सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को भी निजी स्कूल के समान ही शिक्षा तथा शैक्षिक माहौल मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए जो भी जरूरी कदम हों उठाये जाएंगे तथा सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता युक्त शिक्षा उपलब्ध कराया जाएगा जिससे निजी स्कूल की ओर भाग रहे अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री तथा जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय शनिवार को साकची बाराद्वारी स्थित पीपुल्स एकेडमी हाई स्कूल में पूर्वी विधानसभा के सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वी विधानसभा के सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन के स्तर में सुधार लाने तथा विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के शैक्षिक एवं शारीरिक-मानसिक विकास पर जोर देते हुए विभिन्न मुद्दों पर बात की। उन्होंने बताया कि उनका प्रयास है कि सरकारी विद्यालयों की हर जरूरी समस्याओं को शीघ्र दूर किया जायगा। बैठक में सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता युक्त शिक्षा मुहैया करवाने को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की गयी जिसमें से प्रमुख निम्नलिखित हैं:
1. सरकारी विद्यालयों में अध्ययन करने वाले बच्चों को ऐसी शिक्षा मिले जिससे वे अपने अपने क्षेत्रों का ब्रांड अम्बेसेडर बने। सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता बेहतर हो ताकि समाज में सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगो की जो धारणा बन गयी है वह दूर हो।
2. विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति तथा परीक्षा का परिणाम बेहतर हो साथ ही बच्चों को पोष्टिक भोजन उपलब्ध हो इसपर ध्यान देने की आवश्यकता है।
3. सरकारी विद्यालयों के पठन-पाठन का स्तर निजी विद्यलायों से बेहतर हो जिससे अभिभावक अपने बच्चों का इन विद्यालयों में नामाकन करवाने के लिए आकर्षित हो।
4. विद्यालयों में खेल-कूद का भी समुचित प्रबंधन हो जिससे छात्रों का समग्र विकास हो सके।
5. सरकारी विद्यालयों में भी शिक्षकों एवं अभिभावकों के बीच नियमित शिक्षक-अभिभावक बैठक का प्रारंभ हो ताकि छात्रों की कमी तथा उसकी प्रतिभा के बारे में शिक्षक-अभिभावक वर्ता कर सके।
6. औसत बच्चों को मेधावी बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाय।
7. सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता इतनी बेहतर हो कि अभिभावकों में यह विश्वास हो कि सरकारी विद्यालयों में अच्छी पढ़ाई हो रही है।
8. स्कूल प्रबंधन के तरफ से समस्याओं एवं सुझावों का मांग-पत्र तैयार किया जाय। उस मांग पत्र के आधार इसके समाधान हेतु कारवाई की जाएगी।
9. सरकारी विद्यलायों की सम्पत्तियों का दुरपोयाग न हो इसके लिए भी उचित उपाय किया जाय।
10. सरकारी विद्यालयों की चहारदीवारी, शौचालय, पेयजल, सुरक्षा, शिक्षकों की कमी जैसी मुलभूत समस्याओं को को दूर करने के लिए वे काफी गंभीर हैं इनका समाधान के लिए संबंधित विभागों से बहुत जल्द बात की जाएगी।
11. अप्रैल माह के बाद विधायक मद एवं अन्य मदों से सरकारी विद्यालयों के विकास के लिए कारवाई शुरू की जाएगी।
12. स्कूल प्रबंधन विद्यालयों की समस्याओं एवं सुझावों को सीधे उन्हें बतायें जिससे क्षेत्र में शिक्षा को बेहतर कर सकें।
इस मौके पर बैठक में उपस्थित विभिन्न विद्यालयों के प्रध्यापक एवं शिक्षकों ने अपने अपने विद्यालयों की समस्याओं को विधायक के समक्ष रखा। उनकी समस्याओं को सुनने के पश्चात विधायक सरयू राय ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे इसका मांग-पत्र तैयार कर दें इसपर जरूर कारवाई की जाएगी तथा इसका समाधान होगा। उन्होंने प्रध्यापकों तथा शिक्षकों से कहा कि वे निजी स्कूल के शिक्षकों से ज्यादा योग्य हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी योग्यता को सरकारी विद्यालयों को बेहतर बनाने तथा छा़त्रों के शैक्षिक विकास में अपनी ऊर्जा को लगायें। क्योंकि यही छात्र आगे चलकर देश के विकास में योगदान देंगे।
इस बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक दिलीप कुमार, एडीपीसी पंकज कुमार, एडीपीसी अखिलेश सिंह, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, पूर्व अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी एस सिंह सहित जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा के सैकड़ों शिक्षकगण उपस्थित थे।

