
जमशेदपुर।
झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड ने डिजिटल बैठक कर अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के शोर बाजार गुरुद्वारा में हुए हमले की पुरजोर निंदा की है। बैठक की अध्यक्षता प्रधान गुरचरण सिंह बिरला ने की। घटना की जानकारी महासचिव अमरजीत सिंह भामरा ने दी।
अमरजीत सिंह ने बताया कि बुधवार की सुबह तकरीबन आठ बजे आईएसआईएल (आई एस आई एस) के हमलावर गुरुद्वारे की धर्मशाला में प्रवेश कर गए जहां धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था।वहां इन हमलावरों ने बम ग्रेनाइट का प्रहार कर तथा गोली चालन कर तकरीबन 25 लोगों की हत्या कर दी। मौके पर पुलिस पहुंच गई और पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में चारों हमलावर मारे गए।
बैठक में अफगानिस्तान सरकार की फौरी कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए सभी सिख हिंदू एवं बौद्ध नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का आग्रह अफगान सरकार से किया गया।
इस आतंकी घटना में मारे गए सिखों के प्रति हमदर्दी जताते हुए अकाल पुरुष से उनकी आत्मा की शांति एवं परिवार को दुख सहने की अरदास की गई।
यहां हमलावरों को निशाना लेते हुए वक्ताओं ने कहा कि सिख धर्म तो मानवता की बात करता है। गुरु नानक जी ने तो धर्म जाति भाषा के बंधन से मानव को मुक्त किया।आतंकियों को धर्म के नाम पर होने वाले इस हमले की निंदा की गई।
वहीं भारत सरकार से भी मांग की गई कि वह अफगानिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों के सुरक्षा की व्यवस्था हेतु यह मामला अफगानिस्तान के राष्ट्रपति एवं संयुक्त राष्ट्र संघ में उठाएं और उनकी सुरक्षा की गारंटी सरकार से दिलवाए। वहीं सरकार से यह भी अपील की गई कि वहां के तालिबान एवं इस आतंकी संगठन पर भी दबाव बनाने की कोशिश करें जिससे वहां में अल्पसंख्यक अपने धार्मिक अधिकारों को निश्चिंत होकर व्यवहारिक रूप दे सकें।
इसमें कार्यकारी अध्यक्ष शमशेर सिंह सोनी कुलविंदर सिंह पन्नू त्रिलोचन सिंह जसवीर सिंह सुरजीत सिंह जसपाल सिंह सुखविंदर सिंह जतिंदर सिंह बब्बू आदि ने विचार दिए।



