
नए संविधान में सभी को हक देंगे
लड़ना है तो प्रधानगी से दूर रहें
जमशेदपुर। शिरोमणी अकाली दल दिल्ली के दीर्घकालीन प्रधान रहे सरदार अवतार सिंह ने कहा कि सिख हिंदू नहीं है परंतु पक्के हिंदुस्तानी हैं। सिख सच्चे भारतीय हैं। हिंदुस्तान का प्रत्येक नागरिक इसका वारिस है। दिल्ली एवं देश के अन्य हिस्सों में सी ए ए के नाम हो रहे बवाल को बेवकूफी बताते हुए कहा कि बहुसंख्यक हो या अल्पसंख्यक उन्हें अपनी मर्यादा में रहना चाहिए।जब देश की आजादी की लड़ाई हमने लड़ी थी तब हमने हिंदू मुसलमान सिख या ईसाई बनकर नहीं लड़ी थी। तब हम हिंदुस्तानी थे और आज भी हमें हिंदुस्तानी बनने एवं वफादारी दिखाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान से सिखों को निकाला गया और अकाली दल नागरिकता की मांग करती रही है।अकाली दल सीएए का समर्थन करता है परंतु इसके धर्म शब्द पर संशोधन का आग्रह भी प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री से किया है।
उन्होंने बताया कि पटना तख्त लिए नया एक्ट बनाने की प्रक्रिया चल रही है और इसमें पूर्वोत्तर भारत एवं उड़ीसा को भी हिस्सेदारी देने के पक्षधर हैं और एक्ट निर्माण के लिए सभी तख्तों के संविधान का अध्ययन हो रहा है।वहीं उन्होंने सिखों से आग्रह किया कि व्यापक के सच्चे सिख बने और गुरुद्वारा के प्रधान पद के लिए लड़ाई नहीं करें। यदि प्रधान पद के लिए लड़ाई करनी है तो वे गुरुद्वारे से हट जाए। गुरुद्वारे में राजनीति एवं ईर्ष्या का कोई स्थान नहीं है।सेवा में संघर्ष या का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय लीडरशिप झारखंड में इसकी इकाई गठन करने की प्रक्रिया में है।



