आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि झारखंड उच्च न्यायालय न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह मौजूद थे. इस दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि उन्हें गर्व हो रहा है कि लगातार तीसरे वर्ष इस जगह पर यह कार्यक्रम हो रहा है. उन्होंने कहा कि न्याय सिर्फ न्यायालय तक सीमित नहीं है. घर से शुरू करें तो घर के प्रत्येक सदस्य के प्रति एक कर्तव्य निहित है. अगर उसे पूरा करें तो आप घर में न्याय करते हैं. न्याय की भावना आपके अंदर होती है तो आप किसी का हक नहीं छिनते, सम्मान जरूर देते हैं. जो भी कार्य कर रहे हैं उसे निपुणता से करे. समाज और राष्ट्र सर्वोपरी होना चाहिए. न्यायमूर्ति ने कहा कि एक प्रांगण में सभी विभागों के स्टॉल लगाकर योजनाओं का लाभ योग्य लाभुकों तक पहुंचाने की ये काफी सार्थक पहल है. जिसका उद्देश्य वंचितों को न्याय है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, विधायिका, कार्यपालिका सभी का कर्तव्य है कि आम जनमानस के जीवन में समृद्धि लाएं, लोगों को न्याय मिले, योजनाओं का लाभ मिले. उन्होंने कहा कि सशक्तिकरण शिविर का फायदा यह है कि यहां मिशन मोड में काम होता है.