
साकची में तीन देवियों की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का दूसरा दिन
जमशेदपुर। साकची ठाकुरबाड़ी रोड़ में तीन देवियों की (मंदिर में श्री महालक्ष्मी माता, श्री अंजनी माता और श्री राणीसती दादी जी एक साथ विराजमान होगी) की भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव सह मंदिर उद्घाटन समारोह के दूसरे दिन शुक्रवार 21 फरवरी की सुबह 08.15 बजे से देवी प्रतिमाओं का पूजन किया गया। पूजन के बाद तीनों देवियों का जलाधिवास किया गया। पूजन का सभी कार्य विधिवत रूप से कृष्ण जन्मभूमि से पधारे आचार्य बांके बिहारी गोस्वामी जी महाराज के पावन सानिध्य में वेद मंत्र के ज्ञाता 21 पुजारियों की मंडली ने किया।
शुक्रवार की पूजा में यजमान क्रमशः राजकुमार चंदुका, प्रमोद भालोटिया, महावीर अग्रवाल, महेश अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, राजकुमार मवंड़िया, सुशील अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल एवं श्रवण अग्रवाल सभी सपत्नी उपस्थित थे। शुक्रवार की शाम को आचार्य बांके बिहारी गोस्वामी जी महाराज ने व्यासपीठ पर आसीन होकर अपनी सुमधुर वाणी एवं भावनात्मक शैली से महाशिवरात्री पर भगवान भोले बाबा के चरित्र का वर्णन और महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि जहाँ सुमति तहाँ सम्पति नानाय जहाँ कुमति तहाँ बिपति निदाना‘‘ यानि की जिस घर में आपसी प्रेम और सद्भाव होता है वहां सारे सुख और संपत्ति होती है और जहाँ आपस में द्वेष और वैमनष्य होता है उस घर के वासी दुखी व विपन्न हो जाते हैं।
आचार्य जी ने कहा कि शिव परिवार में विविधता होने के बाद भी सभी एक साथ निवास करते हैं, जैसे शिव का वाहन नंदी, माता का वाहन सिंह, भोले बाबा का अभूषण सर्प, गणेश का वाहन चुहा एवं कार्तिक का वाहन मयुर होने के बाद भी सभी एक निवास में शांत भाव से रहते हैं। शिव परिवार के अलावा अन्य कोई भी देवता के परिवार का पूजन क्यों नहीं होता, भगवान के कीत्र्तन में ताली क्यों बजानी चाहिए, सूर्य को अग्र देते समय पैर में पानी का छिटा नहीं लगाना चाहिए, राम-कृष्ण आदि देवताओं की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए का आचार्य ने
विस्तार से वर्णन किया। मालूम हो कि 24 फरवरी तक देवी प्रतिमाओं का पूजन होगा। 25 फरवरी मंगलवार को सुबह पूजा के बाद 11.15 बजे से देवी प्रतिमा का नगर भ्रमण सह निशान यात्रा निकलेगी। बुधवार 26 फरवरी को सुबह पूजा के सभी देवी प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा होगा। इसी दिन दोपहर एक बजे से राणीसती दादी जी का भव्य मंगलपाठ होगा। रात्रि 9 बजे से विराट भजन संध्या शुभारंभ होगा, देवियों की इच्छा तक चलेगा



