
(सोनारी संगम विहार दुर्गा मंडप में श्री श्याम भटली परिवार चैरिटेबल ट्रस्ट का 93 वां मासिक श्याम कीत्र्तन महोत्सव धुमधाम से आयोजित )
जमशेदपुर। बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे…, होलिया में उड़े रे गुलाल…, सांवरिया बैठों हैं जो लेना है सो मांग लें…, चढ़वा दे बाबा श्याम निशान तेरो चढ़वा दे…, पीली सी पिंताबरी ओढ़े सिया मरे लो रे…., अपनों के सताए है तेरी शरण में आये है…, अपने दिल का हाल सुनावन आयां हां…, तेरह पेढिया ऊपर म्हारे, श्याम को बंगलो…, घुघटियों आड़े आग्यो जी थाने देख कोण्ी पाई बाबा श्याम…., मेरा सांवरिया बड़ा दिलदार निकला…., सांवली सूरत पे मोहन दिल दिवाना हो गया…. काली कमली वाला मेरा यार हैं…. आदि भटली वाले बाबा श्याम के भजनों पर सोनारी संगम विहार स्थित दुर्गा मंडप में देर रात तक भक्त झूमते रहे।
मौका था श्री श्याम भटली परिवार चैरिटेबल ट्रस्ट जमशेदपुर द्वारा 93वां मासिक श्याम कीत्र्तन महोत्सव का। सीमा-भरत भुषण अग्रवाल परिवार द्धारा आयोजित मासिक कीत्र्तन महोत्सव बहुत ही धुमधाम से सोनारी संगम विहार स्थित दुर्गा मंडप में मनाया गया। इस शुभ अवसर पर फागुन मेले में खाटू धाम (राजस्थान) में चढ़ाने वाले श्याम निशान की भी पूजा की गयी। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय के साथ होलीमय हो गया था। श्री गणेश वंदना के साथ भजनों का कार्यक्रम शुरू हुआ जो देर रात 01.30 बजे तक चलते रहा।इससे पहले संध्या 8 बजे से बाबा श्याम की पूजा अर्चना शुरू हुई। सीमा-भरत भुषण अग्रवाल ने पूजा की और रामजी पारिख ने विधिवत् रूप से पूजा करायी और सब भक्तों को रक्षा सुत्र बांधा। इस धार्मिक मौके पर स्थानीय भजन गायक महाबीर अग्रवाल, प्रीति शर्मा, राधा रानी, नीरज जालान और बंटी चांगिल द्वारा बाबा श्याम के भजनों की अमृत वर्षा कर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किये धमाल और फागुन (होली) के भजनों पर भक्तों द्वारा नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण भटली वाले श्याम बाबा का भव्य दरबार, छप्पन भोग, अखंड ज्योत तथा श्याम रसोई प्रसाद था। सैकड़ो की संख्या में श्याम भक्तों ने प्रसाद (श्याम रसोई) ग्रहण किया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष राजेश पसारी, अरविंद सिंह, धनजंय सिंह, अरूण बांकरेवाल, गगन रूस्तोगी, सुधीर अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, ललित डांगा, गोविंद देबुका, संदीप बजाज, नरेश अग्रवाल, सुनीता पसारी, संजना, विनिता, आशा, अनीता, संदीप सुल्तानिया, पंकज छावछरिया, सुनील देबुका, कैलाश सरायवाला, उत्तम नरेड़ी, संदीप बजाज, आयुष पसारी आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

