
नई दिल्ली:
घने कोहरे के कारण दृश्यता में कमी और परिचालन चुनौतियों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने ट्रेन परिचालन को सुचारु बनाए रखने और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कई सक्रिय कदम उठाए हैं।
रेलवे बोर्ड ने उत्तर रेलवे, उत्तर पूर्व रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वे चल रही ट्रेनों की रियल-टाइम स्थिति की लगातार समीक्षा करें और किसी भी प्रकार की समस्या, विशेषकर कैटरिंग एवं ऑनबोर्ड यात्री सुविधाओं से जुड़ी दिक्कतों का तुरंत समाधान करें। इसी क्रम में दिल्ली, लखनऊ, मुरादाबाद, बनारस और प्रयागराज मंडल के मंडल रेल प्रबंधकों (डीआरएम) को भी जमीनी स्तर पर ट्रेनों की सतत निगरानी और आवश्यक त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वंदे भारत और शताब्दी के लिए स्पेयर रेक की व्यवस्था
प्रीमियम ट्रेनों के समय पर परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस और शताब्दी ट्रेनों के स्पेयर रेक का रणनीतिक उपयोग किया जा रहा है। उपलब्ध 20 कोच वाली एक वंदे भारत रेक को नई दिल्ली–वाराणसी वंदे भारत सेवा के समय पर प्रस्थान के लिए लगाया गया है। वहीं, उत्तर रेलवे के पास मेंटेनेंस स्पेयर के रूप में उपलब्ध एक अन्य 20 कोच वाली रेक का उपयोग वाराणसी–नई दिल्ली वंदे भारत सेवा को समय पर चलाने के लिए किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, 16 कोच वाली वंदे भारत सेवा के विस्तार के लिए नामित 20 कोच की एक रेक को पश्चिम मध्य रेलवे से उत्तर रेलवे भेजा जा रहा है, ताकि कोहरे के दौरान वंदे भारत सेवाओं का परिचालन समय पर सुनिश्चित किया जा सके।
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अन्य जोनों में वैकल्पिक व्यवस्था
पूर्व मध्य रेलवे और दक्षिण रेलवे में उपलब्ध कोचों से दो एसी रेक तैयार की गई हैं। इन रेकों का उपयोग कोहरे के कारण विलंब से चल रही ट्रेनों को समय पर प्रारंभ कराने के लिए किया जाएगा।
यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान
रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए आईआरसीटीसी को निर्देश दिया है कि स्पेयर रेक से चलने वाली ट्रेनों में कैटरिंग की उचित व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (ओबीएचएस) और लिनन की व्यवस्था भी इन रेकों के लिए सुनिश्चित की जाएगी।
रेलवे बोर्ड और आईआरसीटीसी की रियल-टाइम निगरानी
रेलवे बोर्ड स्तर पर ट्रेनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल हस्तक्षेप किया जा रहा है। वहीं, आईआरसीटीसी में एक विशेष ‘वॉर रूम’ को सक्रिय किया जा रहा है, जो चौबीसों घंटे ट्रेनों की निगरानी करेगा और कैटरिंग से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान करेगा।
रेलवे के इन समन्वित प्रयासों का उद्देश्य कोहरे के मौसम में यात्रियों को न्यूनतम असुविधा, प्रमुख ट्रेनों की समयबद्धता बनाए रखना तथा सुरक्षित और प्रभावी रेल परिचालन सुनिश्चित करना है।A


