
रांची।

झारखंड राज्य के लगभग 25 हजार जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानदारों की आर्थिक स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। पिछले कई महीनों से राशन वितरण का बकाया कमीशन नहीं मिलने के कारण राशन डीलरों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर डीलरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
9 महीने से नहीं मिला कमीशन, आर्थिक तंगी से डीलर परेशान
राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि राज्यभर के पीडीएस दुकानदारों को पीएच (PH) कार्ड, ग्रीन कार्ड, चना दाल तथा नमक वितरण मद में पिछले करीब नौ महीने से कमीशन का भुगतान नहीं किया गया है। सरकारी नियमों के तहत गरीबों तक अनाज पहुंचाने वाले इन दुकानदारों को समय पर उनका लाभांश (कमीशन) नहीं मिलने से उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट उत्पन्न हो गया है। समय पर भुगतान न होने के कारण हजारों दुकानदार कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं।
घाटशिला के राशन डीलर की आत्महत्या से फैला आक्रोश
ज्ञापन में विशेष रूप से पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला क्षेत्र के पीडीएस डीलर मृणाल कांति रजक की दुखद आत्महत्या की घटना का उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि लंबे समय से लंबित कमीशन, बढ़ती आर्थिक तंगी और भारी मानसिक तनाव से परेशान होकर उन्होंने कथित रूप से आत्मघाती कदम उठा लिया। समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों के अनुसार, मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में भी उनकी भीषण आर्थिक परेशानियों और सरकारी विभागों के पास बकाया भुगतान का स्पष्ट जिक्र किया गया है।
कर्ज के जाल में फंसे राशन दुकानदार, परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल
डीलरों का कहना है कि घाटशिला की यह घटना केवल एक व्यक्ति या उसके परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे झारखंड के हजारों पीडीएस डीलरों की बदहाल स्थिति को बयां करती है। राज्यभर के राशन डीलर विभिन्न मदों में अपने ही वैध पैसों के लिए महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। आर्थिक असुरक्षा और मानसिक दबाव के कारण कई डीलर डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं।
जन कल्याणकारी योजनाओं की रीढ़ हैं डीलर, व्यवस्था चरमराने की आशंका
राशन दुकानदारों ने कहा कि सरकार की किसी भी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना को धरातल पर उतारने और गरीबों तक सीधे राशन पहुंचाने में पीडीएस दुकानदारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसके बावजूद उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही है। समय पर वैध कमीशन नहीं मिलने से न केवल उनके परिवारों का भरण-पोषण प्रभावित हो रहा है, बल्कि इससे पूरी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के संचालन पर भी बेहद प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
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राज्यपाल से अविलंब नियमित भुगतान की व्यवस्था करने की मांग
राज्यपाल से संबोधित ज्ञापन में पुरजोर मांग की गई है कि इस संवेदनशील और मानवीय मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को तत्काल कड़े निर्देश दिए जाएं, ताकि सभी पीडीएस दुकानदारों के लंबित कमीशन का अविलंब भुगतान किया जा सके। साथ ही, भविष्य में ऐसी दुखद स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए एक नियमित और निश्चित समय सीमा के भीतर भुगतान की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



