चाईबासा।
कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 15 अप्रैल 2026 को ‘वीर पोटो हो सभागार’ में एक अहम मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह विशेष जागरूकता कार्यक्रम 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक मनाए जा रहे राष्ट्रीय अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत आयोजित किया गया।
फायर स्टेशन के अधिकारियों ने किया व्यावहारिक प्रदर्शन
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में चाईबासा फायर स्टेशन के अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर फायर स्टेशन के अधिकारी रामयश सिंह, गोपाल कुमार और मुनेश्वर गोप ने उपस्थित लोगों के सामने अग्नि सुरक्षा से संबंधित विभिन्न उपायों और बचाव उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन (Practical Demonstration) किया, ताकि आपात स्थिति में लोग सही कदम उठा सकें।
आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी पर जोर
मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों ने आग लगने की स्थिति में बचाव के तरीके, प्राथमिक प्रतिक्रिया और अग्निशामक यंत्रों (Fire Extinguishers) के सही उपयोग के बारे में विस्तार से समझाया। उपस्थित शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों को यह भी प्रशिक्षित किया गया कि आपात स्थिति में घबराहट और अफरातफरी से बचते हुए किस प्रकार भवन से सुरक्षित निकासी (Evacuation) सुनिश्चित की जानी चाहिए।
छात्रों की जिज्ञासा: बिना उपकरण कैसे बुझाएं आग?
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने काफी उत्सुकता दिखाई और जंगलों में लगने वाली आग (Forest Fire) से संबंधित कई अहम प्रश्न अधिकारियों से पूछे। छात्रों ने यह भी जानना चाहा कि यदि घटनास्थल पर कोई भी अग्निशमन उपकरण उपलब्ध न हो, तो ऐसी विकट स्थिति में क्या किया जाना चाहिए। इसके जवाब में अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर आग को बेकाबू होने से रोकने के लिए पानी, मिट्टी, रेत या गीले कपड़े का उपयोग कर छोटी आग को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ ही तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना देना अत्यंत आवश्यक है।
कुलपति के निर्देश पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन
विश्वविद्यालय परिसर में यह जागरूकता कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता के आदेशानुसार आयोजित किया गया। इस मॉक ड्रिल में विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अग्नि सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं की तकनीकी जानकारी प्राप्त की। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि किसी भी आपदा की स्थिति में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।





